KCC बैंक भर्ती में घपला, अफसर की बेटी के थे 43 फीसदी अंक, बनाई टॉपर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल के कांगड़ा सेंट्रल को ऑपरेटिव बैंक के पूर्व चेयरमैन रसील सिंह मनकोटिया ने बैंक प्रबंधन और बोर्ड पर बड़े घोटाले के आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही है।
हमीरपुर के परिधिगृह में आयोजित पत्रकार वार्ता में रसील सिंह ने कहा कि केसीसी बैंक ने डिफाल्टरों और अपने चहेतों को नियमों के विपरीत ऋण बांटा है। हाल ही में संपन्न बैंक भर्ती में मुख्यमंत्री के करीबी एक शिमला जिला से सरकारी अधिकारी की बेटी को बारहवीं कक्षा में 43 फीसदी अंक होने के बावजूद मेरिट लिस्ट में टॉपर दिखाकर नौकरी पर रखा गया है।
जबकि क्लास फोर के लिए बारहवीं कक्षा में 55 फीसदी अंक की अनिवार्यता रखी गई थी। बैंक के एक बड़े अधिकारी ने साक्षात्कार के दौरान नोटिंग शीट पर अयोग्य भी लिखा। बावजूद इसके लड़की को बैंक में नौकरी दी गई। बैंक भर्ती में एक की जिले से अधिकतर अभ्यर्थियों का चयन किया गया।
आरबीआई की गाइडलाइन के मुताबिक 10 फीसदी से अधिक एनपीए पर नई ब्रांच नहीं खोल सकते। लेकिन, केसीसी बैंक प्रबंधन और बोर्ड पिक एंड चूज की नीति अपनाकर बैंक शाखाएं खोल रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के गृह क्षेत्र अवाहदेवी में जबरन बैंक शाखा को बंद कर दिया गया, लेकिन लोगों के विरोध के बाद बैंक प्रबंधन का सारा सामान और रिकार्ड वहीं पड़ा है।
समय आने पर सारी पेनल्टी उस अधिकारी पर डाली जाएगी, जिसने बैंक शाखा को बंद करने के निर्देश दिए थे। मनकोटिया ने कहा कि उन्हें सूचना मिली थी कि बैंक भर्ती का रिकार्ड जलाने की तैयारी हो रही है। इस पर उन्होंने आरसीएस को चिट्ठी लिखी और आरसीएस ने सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार भर्ती का रिकॉड सुरक्षित रखने के आदेश बैंक प्रबंधन को दिए हैं।
बैंक प्रबंधन और बोर्ड को इन बिंदुओं पर घेरा
1.चार बार निदेशक रहे वरिष्ठ कांग्रेसी केशव कोरला ने खुद बैंक कार्यप्रणाली की सीबीआई जांच की मांग की।
2.पालमपुर में एक होटल के लिए 25 करोड़ लोन दिया, लेकिन मार्च 2016 के बाद एक भी किस्त नहीं आई।
3.ऊना के गगरेट में पंजाब फगवाड़ा की एक फर्म को 58 करोड़ का लोन दिया। जमीन फगवाड़ा की गिरवी रखी गई। जबकि पहले ही यह जमीन पीएनबी बैंक के पास गिरवी है।
4. कार्यक्षेत्र से बाहर के नियमों के विपरीत मंडी के एक डिफाल्टर को ऊना जिला की ब्रांच से 12 करोड़ लोन दिया।
5. बैंक कर्मचारियों के ग्रेच्युटी फंड को बैंक में जमा करवाने के बजाय रिलायंस कंपनी के शेयर बाजार में 5.90 फीसदी कम ब्याज दर पर लगाया।
6. देहरा से निर्वाचित निदेशक की मौत के बाद बैंक के जीएम पद से सेवानिवृत्त अधिकारी को नियमों के विपरीत निदेशक बनाया। जबकि आरसीएस से इसकी कोई स्वीकृति नहीं ली गई।
7. धर्मशाला स्थित बैंक मुख्यालय में लगी पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल की उद्घाटन पट्टिका को तोड़ा गया, जिसका मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
8.आरबीआई की 10 फीसदी एनपीए गाइडलाइन को तोडने पर कुरुक्षेत्र सहकारी बैंक के अध्यक्ष को निष्कासित किया गया। इसी तरह केसीसी बैंक के अध्यक्ष को भी सस्पेंड किया जाए।
9. भय, भ्रम और भ्रष्टाचार का माहौल पैदा करने पर प्रदेश सरकार कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के बोर्ड को भंग कर बैंक में प्रशासक को नियुक्त करे।
10. बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों को गलत काम करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है और ऐसा करने से मना करने पर उन्हें ट्रांसफर का डर दिखाया जा रहा है।