अनुसूचित जाति आयोग ने तलब किए डीसी-एसपी
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मैहतपुर से सटी बनगढ़ पंचायत स्थित गामेशाह की दरगाह पर गद्दीनशीन धर्मे शाह को जबरन तौर पर हटाने का मामला राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग दिल्ली पहुंच गया है। आयोग ने कड़ा संज्ञान लेते हुए जिलाधीश ऊना तथा पुलिस अधीक्षक को 30 जून को आयोग के चंडीगढ़ कार्यालय में मामले से जुड़े दस्तावेज पेश करने को को कहा है।
आयोग के वरिष्ठ जांच अधिकारी आरके शर्मा ने यह जानकारी दी है। आयोग के पत्र संख्या 2 एचपी-5/2016 दिनांक 28 जून, 2016 के मुताबिक उपायुक्त एवं एसपी ऊना से कहा गया है कि वे मामले से जुड़े तमाम दस्तावेज चंडीगढ़ स्थित अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष डा. राजकुमार विर्क के समक्ष रखें। मामला बनगढ़ स्थित गामेशाह डेरा में पूर्व गद्दीनशीन प्रीतम शाह की ओर से गद्दीनशीन किए धर्मे शाह से जुड़ा है।
आरोप, दलित होने के चलते गद्दी से हटाया
इसे गांव के एक गुट ने हटा दिया है। सूत्रों के मुताबिक डेरा की करीब 54 कनाल जमीन के साथ लाखों की नकद जायदाद भी है। इसे लेकर दोनों पक्ष हक जता जा रहे हैं। एक पक्ष धर्मे शाह को गद्दीनशीन होने के दावे को खारिज कर दावा कर रहा है कि पूर्व डेरा प्रमुख प्रीतम शाह ने डेरे की वसीयत उनके नाम कर दी है। दूसरे गुट का दावा है कि प्रीतम शाह ने बचपन में ही धर्मे शाह को डेरे का अगला वारिस घोषित कर दिया था।
वाल्मीकि सभा नंगल के प्रधान तुलसी राम, कुलदीप कुमार, मदन लाल, हरबंस लाल समेत कई अन्य लोगों का आरोप है कि तीन माह पूर्व डेरा के इस विवाद में उनके समुदाय से जुड़े धर्मे शाह को इसलिए हटाया गया है कि वह दलित है। कहा कि जिला प्रशासन से तीन माह तक न्याय न मिलने के बाद राष्ट्रीय अनूसूचित जाति आयोग का दरवाजा खटखटाया है।