{"_id":"69493076d1ccec6d2100d02c","slug":"sarees-from-gujarat-and-assam-have-become-the-first-choice-of-women-shimla-news-c-19-sml1002-651180-2025-12-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: गुजरात व आसाम की साड़ियां \nबनीं महिलाओं की पहली पसंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: गुजरात व आसाम की साड़ियां बनीं महिलाओं की पहली पसंद
विज्ञापन
छह दिन में 7.50 लाख की हो चुकी है बिक्री
गेयटी में चल रहे कारीगर मेले का आज अंंतिम दिन
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के गेयटी थियेटर के टेवरन हॉल में चल रहे कारीगरों के मेले में महिलाओं को साड़ियां खूब पसंद आ रही हैं। मेले में बनारस, गुजरात और आसाम की साड़ियों के स्टॉल लगाए गए हैं। छह दिन में मेले में 7.50 लाख रुपये से अधिक की साड़ियां और अन्य सामान बिक चुका है।
प्रदर्शनी का मंगलवार को अंतिम दिन है। मेले में साड़ियों के अलावा हिमाचल के जैविक उत्पाद, नागालैंड के ऊनी कपड़े, मणिपुर और तेलंगाना के आभूषणों के अलावा जम्मू-कश्मीर तथा अन्य राज्यों से लाए गए सूट भी लोगों को खूब भा रहे हैं। खास बात यह है कि प्रदर्शनी में रखा सामान स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों ने खुद तैयार किया है। मेले में लाए गए गहने भी लोगों को काफी पसंद आ रहे हैं। प्रदर्शनी के आयोजक सुधीर गुलिया ने बताया कि पिछले साल यह प्रदर्शनी 11 दिन तक चली थी लेकिन इस वर्ष प्रदर्शनी के लिए सिर्फ 7 दिन ही मिले हैं हालांकि पिछले साल की अपेक्षा इस बार कमाई अच्छी हुई है। इस वर्ष पर्यटकों के साथ स्थानीय लोगों से भी अच्छा सहयोग मिला है। उन्होंने बताया कि अगले वर्ष मई में दोबारा गेयटी में यह प्रदर्शनी लगाई जाएगी। संवाद
विज्ञापन
गेयटी में चल रहे कारीगर मेले का आज अंंतिम दिन
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के गेयटी थियेटर के टेवरन हॉल में चल रहे कारीगरों के मेले में महिलाओं को साड़ियां खूब पसंद आ रही हैं। मेले में बनारस, गुजरात और आसाम की साड़ियों के स्टॉल लगाए गए हैं। छह दिन में मेले में 7.50 लाख रुपये से अधिक की साड़ियां और अन्य सामान बिक चुका है।
प्रदर्शनी का मंगलवार को अंतिम दिन है। मेले में साड़ियों के अलावा हिमाचल के जैविक उत्पाद, नागालैंड के ऊनी कपड़े, मणिपुर और तेलंगाना के आभूषणों के अलावा जम्मू-कश्मीर तथा अन्य राज्यों से लाए गए सूट भी लोगों को खूब भा रहे हैं। खास बात यह है कि प्रदर्शनी में रखा सामान स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों ने खुद तैयार किया है। मेले में लाए गए गहने भी लोगों को काफी पसंद आ रहे हैं। प्रदर्शनी के आयोजक सुधीर गुलिया ने बताया कि पिछले साल यह प्रदर्शनी 11 दिन तक चली थी लेकिन इस वर्ष प्रदर्शनी के लिए सिर्फ 7 दिन ही मिले हैं हालांकि पिछले साल की अपेक्षा इस बार कमाई अच्छी हुई है। इस वर्ष पर्यटकों के साथ स्थानीय लोगों से भी अच्छा सहयोग मिला है। उन्होंने बताया कि अगले वर्ष मई में दोबारा गेयटी में यह प्रदर्शनी लगाई जाएगी। संवाद
विज्ञापन