शिमला: संयुक्त कर्मचारी महासंघ ने संशोधित वेतनमान के लिए खोला मोर्चा, सीएम और एसीएस को सौंपा मांगपत्र
संयुक्त कर्मचारी महासंघ के नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना को कर्मचारियों की मांगों को लेकर आठ सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। इसमें सरकार पर पंजाब के तय वेतनमान की विसंगतियां दूर करके हिमाचल में संशोधित वेतनमान देने की मांग प्रमुख है।
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राज्य सरकार के 25 विभागों के कर्मचारी संघों के संयुक्त महासंघ ने संशोधित वेतनमान को लेकर जयराम सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। महासंघ के नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना को कर्मचारियों की मांगों को लेकर आठ सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। इसमें सरकार पर पंजाब के तय वेतनमान की विसंगतियां दूर करके हिमाचल में संशोधित वेतनमान देने की मांग प्रमुख है। मुख्यमंत्री जयराम और एसीएस वित्त ने कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने का भरोसा दिलाया है।
महासंघ का प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व महासंघ के अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने किया। इसमें महासचिव हीरा लाल वर्मा, मुख्य सलाहकार विनोद कुमार सहित कई अन्य कर्मचारी नेता भी मौजूद रहे। प्रदेश के कर्मचारी संशोधित वेतनमान के तय फार्मूले के से अधिकांश कर्मचारी खफा हैं। राज्य भर के कर्मचारी संगठन सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने को लामबंद हो चुके हैं। महासंघ नेता पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि एक पखवाड़े के भीतर कर्मचारियों की मांगें सरकार ने नहीं मानी तो सड़कों में उतरेंगे। सरकार वर्ष 1978 से पंजाब के बराबर वेतनमान देते रहे हैं। ग्रेड पे 1 दिसंबर, 2011 से दिया जाए। नए ग्रेड पे के लिए नियमित सेवाकाल के दो साल की शर्त हटाई जाए। पे बैंड का प्रारंभिक जमा ग्रेड पे डी जाए। भत्तों में सम्मानजनक वृद्धि हो। पेंशनरों की पेंशन में भी सम्मान जनक वृद्धि हो।