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संजौली मस्जिद : तीन मई तक गिराना होगा अवैध निर्माण, मस्जिद कमेटी को नगर निगम आयुक्त कोर्ट ने लगाई फटकार

Sun, 20 Apr 2025 10:24 AM IST
शिमला ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: शिमला ब्यूरो Updated Sun, 20 Apr 2025 10:24 AM IST
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Sanjauli Masjid: Illegal construction will have to be demolished by May 3
संजौली मस्जिद - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

राजधानी की संजौली मस्जिद के अवैध निर्माण मामले में आयुक्त कोर्ट ने मस्जिद कमेटी को कड़ी फटकार लगाई है। तीन बार अतिरिक्त समय देने के बावजूद संजौली मस्जिद में सारा अवैध निर्माण गिराने में फेल रही कमेटी को अब आखिरी मौका दिया है।

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मस्जिद कमेटी को तीन मई तक हर हाल में सारा अवैध निर्माण तोड़ना होगा। यदि ऐसा नहीं किया तो रोजाना आयुक्त कार्यालय में पेश होना होगा। इस मामले की अगली सुनवाई तीन मई को होगी। नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री के कोर्ट में शनिवार को अवैध निर्माण से जुड़े 45 मामलों पर सुनवाई हुई। इस दौरान राजधानी के बहुचर्चित संजौली मस्जिद मामले पर भी सुनवाई हुई। मस्जिद कमेटी की ओर से अध्यक्ष मोहम्मद लतीफ कोर्ट में पेश हुए। आयुक्त ने पूछा कि मौके पर अवैध निर्माण गिराने का काम पूरा हुआ या नहीं। कमेटी की ओर से बताया कि ज्यादातर काम पूरा हो चुका है लेकिन एक मंजिल अभी टूटना बाकी है। तर्क दिया कि रिहायशी भवनों से घिरी मस्जिद में अवैध निर्माण तोड़ने में समय लग रहा है। आसपास के लोगों को इस काम से नुकसान न हो, इसलिए एहतियात के साथ यह काम करना पड़ रहा है। कमेटी ने आयुक्त कोर्ट से फिर से इस काम को पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा।

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आयुक्त बोले-यह आखिरी मौका होगा
आयुक्त ने सुनवाई करते हुए कहा कि यह आखिरी मोहलत है। इसके बाद अब अतिरिक्त समय नहीं मिलेगा। प्रदेश हाईकोर्ट ने भी छह हफ्ते के भीतर इसे मामले की सुनवाई के आदेश दिए हैं। इन आदेशों के अनुसार इस मामले की तीन मई को सुनवाई होगी। इसके बाद रोज आयुक्त कार्यालय में पेशी लगेगी। आठ मई तक इस मामले में अंतिम सुनवाई होगी। मस्जिद कमेटी ने दावा किया कि तीन मई तक हर हाल में अवैध निर्माण गिरा दिया जाएगा।
 

अवैध निर्माण तोड़ने के आदेश
आयुक्त कोर्ट ने शनिवार को सुनवाई के दौरान पुराने बस अड्डे के पास एक मकान में किए अवैध निर्माण को गिराने के आदेश दिए हैं। निगम के अनुसार मकान मालिक ने बिना अनुमति निर्माण कर दिया था जिसे अब गिराना होगा। अवैध निर्माण के बाकी 43 मामलों पर अब अगले शनिवार सुनवाई होगी।
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नक्शा सौंपा, राजस्व रिकॉर्ड के लिए मांगा समय
नगर निगम आयुक्त कोर्ट ने पिछली सुनवाई में मस्जिद कमेटी से इसके राजस्व रिकॉर्ड और निचली दो मंजिलों के नक्शे को लेकर भी जवाब-तलब किया था। अब सुनवाई से ठीक एक दिन पहले शुक्रवार को कमेटी ने नगर निगम को नक्शा सौंप दिया है। निगम की वास्तुकार शाखा इसका अध्ययन कर रही है। वहीं मस्जिद का राजस्व रिकॉर्ड पेश करने के लिए वक्फ बोर्ड ने कोर्ट से समय मांगा है। बोर्ड का कहना है कि यह राजस्व रिकॉर्ड अभी अपडेट होना बाकी है। इसलिए इसके लिए समय दिया जाए। कोर्ट ने तीन मई तक इसका रिकॉर्ड देने के आदेश दिए हैं। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि यह जमीन अभी वक्फ बोर्ड के नाम नहीं है और पूरी मस्जिद अवैध है।
 

तीन बार मोहलत मिलने पर भी देरी, एक मंजिल टूटना बाकी
नगर निगम आयुक्त कोर्ट ने बीते साल पांच अक्तूबर को पांच मंजिला संजौली मस्जिद की ऊपरी तीन मंजिलों को अवैध करार देते हुए इसे गिराने के आदेश दिए थे। दो महीने के भीतर यह अवैध निर्माण गिराया जाना था। लेकिन मस्जिद कमेटी इसमें नाकाम रही। शहर में इसके खिलाफ प्रदर्शन भी हुआ। इसके बाद मस्जिद कमेटी ने दो बार और अवैध निर्माण गिराने के लिए अतिरिक्त समय मांगा। आखिरी बार मार्च में हुई सुनवाई में कोर्ट ने 26 अप्रैल तक इसे गिराने के आदेश दिए थे। लेकिन मौके पर चल रहा काम पूरा नहीं हुआ। अभी संजौली मस्जिद की एक मंजिल टूटना बाकी है। इसके ऊपर की मंजिलें टूट चुकी है लेकिन पिलर तोड़ा जाना बाकी है। तीन मई तक यह सारा अवैध निर्माण तभी टूटेगा यदि यहां दिन रात को चले। रिहायशी इलाके के बीच यह काम आसान नहीं है।
 
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