सारेगामापा में बेटी की जीत के लिए मां ने यहां नवाया शीश
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सुरों के महामंच सारेगामापा के टॉप-12 में पहुंची दिल्ली की हरजोत कौर की कामयाबी के लिए उनकी माता सिम्मी अरोड़ा ने प्रार्थना की। वह हिमाचल के बिलासपुर स्थित नयना देवी मंदिर पहुंचीं। यहां उन्होंने बेटी की जीत के लिए मां के दर पर शीश नवाया। उन्होंने विधिवत रूप से पूजा-अर्चना करके मां से हरजोत कौर की जीत की दुआ मांगी।
इसके बाद सिम्मी अरोड़ा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश के लोगों से भी बहुत सारे वोटों की अपेक्षा है। हरजोत कौर इस शो की सबसे कम उम्र की प्रतियोगियों में से एक है। उसने अपनी गायकी के हुनर से टॉप-12 में जगह बनाई है। हरजोत कौर एक बहुमुखी गायिका है, जो विभिन्न शैलियों और भाषाओं के गीत भी गा सकती हैं।
साजिद-वाजिद भी कर चुके हैं हरजोत की तारीफ
मशहूर संगीतकार प्रीतम, साजिद-वाजिद और गायक मिका सिंह भी हरजोत की गायकी की प्रशंसा कर चुके हैं। उनका सपना है कि हरजोत बॉलीवुड में एक सफल गायिका बने। उन्होंने बताया कि हरजोत कौर ने 4 साल की उम्र में गाना शुरू कर दिया था। उसने पहली बार 8 साल की उम्र में मंच में गायकी का प्रदर्शन किया।
उसके पहले गुरु उसके पिता हैं, जिन्होंने उसकी प्रतिभा को पहचाना और घर पर ही संगीत का अभ्यास शुरू किया। वर्तमान में हरजोत कौर गुरु पंडित बलदेव राज वर्मा से हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत सीख रही है। इसके अलावा वह सूफी गायन की बारीकियों को भी सीख रही है।
Published by Arvind Thakur