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हिमाचल में बदलेंगे मुआवजा देने के नियम, कैबिनेट में जाएगा मामला
Fri, 08 Mar 2019 05:00 AM IST
ashok chauhan
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: ashok chauhan
Updated Fri, 08 Mar 2019 05:00 AM IST
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प्रदेश सरकार मुआवजा देने के नियमों को बदलने की तैयारी कर रही है। फोरलेन मुआवजे पर उपजे विवाद को लेकर सचिवालय में मुख्य सचिव बीके अग्रवाल की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें किसानों को फैक्टर वन में दिए जा रहे मुआवजे पर विस्तृत चर्चा की गई। फोरलेन संघर्ष समिति वर्ष 2015 से प्रदेश सरकार पर फैक्टर टू में मुआवजा देने की गुहार लगा रही है लेकिन अभी तक किसानों को फैक्टर वन में ही मुआवजा दिया जा रहा है। फोरलेन संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष ब्रिगेडियर खुशाल सिंह ने कहा कि फोरलेन विवाद बीते 4 साल से चल रहा है लेकिन सरकार इस पर ठोस निर्णय नहीं ले पा रही है।
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जमीन अधिग्रहण कर हिमाचल के हजारों-लाखों प्रभावितों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है, उनकी बहुमूल्य जमीन कौड़ियों के दाम में अधिगृहित कर दी गई। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने अपने विजन डॉक्यूमेंट में चार गुना मुआवजा देने की बात कही गई है। लेकिन भू-अधिग्रहण के प्रभावितों को आज तक न तो चार गुणा मुआवजा मिला, न ही पुनर्स्थापन और पुनर्वास का कोई लाभ। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के ग्रामीण क्षेत्र के लिए एक से दो फैक्टर तय करने के आदेश मुख्य है। इनमें 4 गुना तक मुआवजा देने की बात है। बैठक में लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मनीषा नंदा भी उपस्थित रही।
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