नड्डा के वार्ड में मतों की दोबारा गणना न कराने पर हंगामा, डीसी के खिलाफ लगाए नारे
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिला परिषद के चुनावों की मतगणना के दौरान बैहना जट्टा वार्ड में कांग्रेस ने जिला प्रशासन पर सरकार के इशारे पर दोबारा मतगणना न करने के आरोप लगाए हैं। मामला उस समय गर्माया जब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के जिप वार्ड बैहना जट्टा की मतगणना के दौरान भाजपा के प्रत्याशी की जीत घोषित की गई। कांग्रेस ने दोबारा मतगणना की मांग की, लेकिन प्रशासन ने इसके लिए साफ मनाही कर दी। इस पर कांग्रेस ने उपायुक्त कार्यालय में जमकर हंगामा किया।
इस वार्ड से भाजपा समर्थित शैलजा शर्मा और कांग्रेस की निरंजना नड्डा आमने-सामने थीं। वहीं मतगणना के अंत तक कांग्रेस की निरंजना नड्डा बढ़त बनाए हुए थीं। लेकिन अंत में जब भाजपा समर्थित प्रत्याशी को विजयी घोषित किया गया तो कांग्रेस ने इसे मंजूर नहीं किया और दोबारा मतगणना की मांग की। मतगणना केंद्र के एआरओ ने कांग्रेस प्रत्याशी से एसडीएम के आदेश लाने की बात की।
एसडीएम से बात की गई तो उन्होंने उपायुक्त के आदेश लाने के लिए कहा। लेकिन मतों की गिनती दोबारा नहीं की गई। कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी अपने समर्थकों सहित उपायुक्त कार्यालय पहुंचीं, जहां दोबारा गिनती की मांग की गई। उन्होंने इसके लिए साफ इनकार कर दिया, जिससे कांग्रेस ने जमकर हंगामा किया। जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। करीब 2 घंटे तक उपायुक्त कार्यालय में हंगामा चलता रहा। लेकिन प्रशासन ने दोबारा गिनती नहीं करवाई। कांग्रेस महासचिव संदीप सांख्यान ने कहा कि कांग्रेस इस मामले को लेकर कोर्ट जाएगी।
एआरओ लेते हैं फैसला
जिला उपायुक्त रोहित जम्वाल ने कहा कि किसी भी मतगणना केंद्र में दोबारा गिनती करवाने का फैसला एआरओ का होता है। इसका जिला उपायुक्त से कोई संबंध नहीं है। इस केंद्र पर चुनाव परिणाम घोषित हो चुके हैं। इस पर गिनती नहीं होगी। हारने वाला प्रत्याशी इलेक्शन पीटिशन में जा सकता है।
आयोग और प्रशासन पर हेराफेरी का आरोप, जमकर नारेबाजी
वहीं कांगड़ा जिले के विकासखंड नगरोटा सूरियां के पंचायत समिति सदस्य व जिला परिषद के मतगणना केंद्र में शुक्रवार रात एक बजे ग्रामीणों ने चुनाव आयोग व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एक बजे पंचायत समिति वार्ड बिलासपुर का चुनाव नतीजा घोषित किया और शेर सिंह को सात मतों से विजयी घोषित किया गया। सात मतों से हारे जगरूप के समर्थकों ने हेराफेरी का आरोप लगाकर चुनाव आयोग मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। हालांकि, मौके पर तैनात पुलिस ने मामले को शांत कर दिया। जगरूप का आरोप है कि मतगणना के दौरान तीन मत गायब कर दिए गए और 31 मत रद्द कर दिए गए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मतगणना में लगे कर्मचारियों के कान में बिलासपुर पंचायत सचिव बार-बार आकर कुछ कह रहे थे, जिसकी उन्होंने आपत्ति भी की थी। उन्होंने कहा कि पंचायत समिति वार्ड में गुलेर व बिलासपुर दो पंचायतें हैं और मतदान में 2506 मत पड़े थे। जबकि मतगणना में 2503 मत ही पाए गए। उन्होंने कहा कि मामले को न्यायालय में ले जाएंगे। उधर, एसडीएम जवाली कृष्ण कुमार ने कहा कि अब चुनाव नतीजा घोषित हो चुका है। अगर कोई आपत्ति है तो मामले को प्रत्याशी अदालत में ले जाया सकता है।