फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   baddi fire case: Ruckus among workers' families outside the factory over delay in search operation

Baddi Fire Case: सर्च अभियान में देरी पर कामगारों के परिजनों का फैक्टरी के बाहर हंगामा

Sun, 04 Feb 2024 09:20 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, बरोटीवाला(सोलन)
संवाद न्यूज एजेंसी, बरोटीवाला(सोलन) Published by: Krishan Singh Updated Sun, 04 Feb 2024 09:20 PM IST
सार

कामगारों ने पुलिस व फैक्टरी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी भी की। इस बीच असुरक्षित घोषित की जा चुकी फैक्टरी के भीतर जाने की जिद कर रहे परिजनों को बैरिकेड लगाकर रोकना पड़ा।

विज्ञापन
baddi fire case: Ruckus among workers' families outside the factory over delay in search operation
लापता कामगारों के परिजनों ने जमकर हंगामा किया - फोटो : संवाद

विस्तार

बद्दी की झाड़माजरी स्थित परफ्यूम फैक्टरी में आग लगने के बाद से अब तक लापता कामगारों के परिजनों ने सर्च अभियान में देरी पर फैक्टरी के बाहर जमकर हंगामा किया है। लापता चंपो देवी, कल्पना, विजय दुबे, काजल व काजल भारती के परिजनों ने कहा कि तीन दिन से ये लापता हैं। अगर पुलिस व एनडीआरएफ की टीम उन्हें बाहर निकालने में सक्षम नहीं है, तो उन्हें अंदर जाने की इजाजत दी जाए। अभी भी आग पूरी तरह से नहीं बुझ पाई है। कामगारों ने पुलिस व फैक्टरी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी भी की। इस बीच असुरक्षित घोषित की जा चुकी फैक्टरी के भीतर जाने की जिद कर रहे परिजनों को बैरिकेड लगाकर रोकना पड़ा।

विज्ञापन


बद्दी जिला पुलिस की पुलिस अधीक्षक इलमा अफरोज को गुस्साए लोगों ने रोका और लापता कामगारों को निकालने की गुहार लगाई। इसके बाद एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीम के साथ खुद पुलिस अधीक्षक उद्योग के अंदर निरीक्षण करने के लिए दाखिल हुईं और जायजा लिया। बाहर निकलते ही उन्होंने बताया कि अंदर उनकी टीम ने कुछ साक्ष्य एकत्रित किए हैं और कुछ शवों के अवशेष भी अंदर पड़े हैं, जिन्हें एकत्रित किया जा रहा है। उद्योग के अंदर हाइड्रोजन सल्फाइड और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैसें हैं, जिस कारण सर्च अभियान में देरी हो रही है।
विज्ञापन


एक अन्य व्यक्ति के लापता होने की मिली सूचना, अब पांच की तलाश
एसपी ने बताया कि अभी तक चार लापता थे, लेकिन एक और व्यक्ति विजय दुबे के लापता होने की पुलिस को सूचना मिली है। इसलिए अब पांच लापता लोगों की तलाश की जा रही है। पुलिस को इमारत के अंदर कुछ शवों के अवशेष दिखे हैं। हालांकि डीएसपी बद्दी ने बताया कि दुबे के लापता होने की जानकारी देने वाले से उसकी शिकायत दर्ज करने के लिए और दुबे की फोटो और पता देने के लिए कहा था, लेकिन अभी तक न तो शिकायत आई और न ही दुबे की फोटो व पता बताया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


एक की अभी भी नहीं हो पाई शिनाख्त
शनिवार को शौचालय में मिले चार शव का रविवार को नालागढ़ अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया। तीन की पहचान होने पर शव परिजनों को सौंप दिए हैं, जबकि एक की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। शिनाख्त के लिए शव नालागढ़ अस्पताल में रखा गया है।

बिना रिकाॅर्ड वाले कामगार और भी हो सकते हैं मलबे में
 झाड़माजरी की परफ्यूम कंपनी में जो कामगार ठेकेदार व कंपनी में पंजीकृत थे, उनका तो पता चल रहा है, लेकिन रविवार को एक ऐसा कामगार सामने आया, जिसका कहीं पर कोई रिकाॅर्ड नहीं था। वह दिहाड़ी करता था। लापता युवक विजय दुबे के पिता मोहन दुबे ने अपने बेटे के लापता होने की बात कही है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि ऐसे मजदूर और भी हो सकते हैं, जो दिहाड़ी पर काम कर रहे थे। इस अग्निकांड में पहले 8 लोगों की लापता होने की सूचना थी। कई कामगार दिहाड़ी पर कंपनी में काम करते थे। यह दिहाड़ीदार यहां पर अकेले ही रहते थे। उनका कोई परिजन अभी तक सामने नहीं आया है।

बारिश में कंपनी के बाहर डटे रहे परिजन
 काजल, काजल भारती, विजय दुबे, कल्पना व चंपो के परिजन बारिश में भी कंपनी के बाहर डटे हुए हैं। यह परिजन अंदर जाने की मांग कर रहे हैं। एनडीआरएफ की टीम ने कुछ लापता कामगारों के परिजनों को हाइड्रा के साथ अंदर का हाल दिखया। इसके बाद वह शांत हुए। फैक्टरी के गेट पर लापता परिजनों को जल्द खोजने की मांग कर रहे हैं।

अभी भी उठ रही आग की लपटें
फैक्टरी में तीसरे दिन भी आग नहीं बुझ पाई है। केमिकल के भरे इन ड्रमों में बीच-बीच में आग की लपटें निकल रही हैं। ज्वलनशील पदार्थ होने से पानी का भी कोई असर नहीं हो रहा है। लगातार दो दिनों से बारिश भी जारी है।

परवाणू में आग बुझाने के इंतजाम नाकाफी
 प्रदेश प्रवेश द्वार औद्योगिक क्षेत्र परवाणू में आग से निपटने के लिए इंतजाम नाकाफी हैं। यहां छोटे-बड़े करीब 400 उद्योग हैं। आग से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग के पास अलग से पाइप लाइन भी नहीं है जिससे गाड़ियों में पानी भरा जा सके। इसके अलावा शहर के अलावा उद्योगों के पास लगे फायर हाइड्रेंट में भी पेयजल योजना की सप्लाई लाइन से पानी छोड़ा जाता है। इसमें 24 घंटे पानी नहीं रहता। इसके चलते अग्निकांड में विभाग को भारी परेशानी झेलनी पड़ती हैं। शहर में जब पानी की सप्लाई आती है उसके बाद बाद ही हाइड्रेंट में पानी आता है। शहर में 19 हाईड्रेंट हैं। इनमें भी करीब 8 खराब हैं। इस समय में शहर में सिर्फ 11 हाईड्रेंट ही काम कर रहे हैं। इनको भी 24 घंटे पानी की सप्लाई के लिए अलग से लाइन से नहीं है।

पानी सप्लाई का नियंत्रण हिमुडा के पास है। ऐसे में आपात स्थिति में पानी छोड़ने के लिए हिमुडा को कहना पड़ता है। इसके बाद ही अग्निशमन विभाग ही गाड़ी में पानी भरते हैं। इसके चलते अग्निशमन विभाग की गाड़ी भरने में समय लगता है और परेशानी भी उठानी भी पड़ती है। परवाणू उद्योग संघ के सचिव सार्थक तनेजा ने बताया कि उद्योगों के आसपास हाइड्रेंट लगने चाहिए। इन्हें पानी की भी अलग से सप्लाई मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया कि जगह-जगह हाइड्रेंट खराब हैं। इन्हें जल्द दुरुस्त करवाया जाए।

जिला उपायुक्त को पत्र लिख कर सुझाव दिया था कि फायर हाईड्रेंट को पानी की सीधी सप्लाई की जाए। खराब फायर हाइड्रेंट को ठीक करने और अतिरिक्त हाइड्रेंट लगाने के लिए भी आग्रह किया था। परवाणू बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है। यहां पर भी कई बार आग की घटनाएं हो चुकी हैं। ऐसे में भविष्य को देखते हुए पहले ही पुख्ता प्रबंध करना जरूरी है। इस बारे में कार्रवाई करने के लिए नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी को उपायुक्त ने निर्देश दिए हैं।-सतीश बेरी, प्रधान, परवाणू विकास मंच

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed