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स्वास्थ्य मंत्री के गृह क्षेत्र में इस बीमारी की चपेट में आए बच्चे

Thu, 08 Jun 2017 10:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मंडी
ब्यूरो/अमर उजाला, मंडी Updated Thu, 08 Jun 2017 10:07 AM IST
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rubella to children in mandi

स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर के गृह क्षेत्र में बच्चे रूबेला रोग की चपेट में आ गए हैं। मंडी में द्रंग विस क्षेत्र के शिवाबदार इलाके के छह गांवों के बच्चों में रूबेला की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग की ओर से पीजीआई चंडीगढ़ भेजे सैंपलों से हुई है। अब सैंपलों को क्रॉस चेक के लिए लखनऊ स्थित स्वास्थ्य मंत्रालय की लैब में भेजा गया है। 

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द्रंग विधानसभा क्षेत्र में रूबेला रोग के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आ गया है। हालांकि, ये बच्चे अब स्वस्थ हैं, लेकिन भविष्य में ऐसे मामले सामने न आएं, इसके लिए विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। शिवाबदार क्षेत्र के मैहणी, मासड़, घ्राण, बनौल, स्प्रेई और शिवा गांवों के 32 स्कूली बच्चों में पिछले हफ्ते खसरा रोग के लक्षण पाए गए थे। 
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स्वास्थ्य विभाग ने सभी गांवों में टीम भेजी थी। इस दौरान पांच बच्चों के खून के सैंपल लिए गए। इन्हें पीजीआई चंडीगढ़ भेजा था। अब जांच में पांचों बच्चों में रूबेला रोग पाया गया है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जोगिंद्र ठाकुर ने कहा कि पीजीआई से आई पांच सैंपलों की रिपोर्ट में रूबेला रोग पाया गया है। अब सैंपल क्रॉस चेक के लिए लखनऊ लैब भेजे गए हैं। खसरा अगर ज्यादा बढ़ जाए तो इसमें जान भी जा सकती है।

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क्या है रूबेला रोग

rubella to children in mandi

तेज बुखार होना, जोड़ों में दर्द, सिरदर्द, खुजली, सर्दी जैसे लक्षण होना, सूजी हुई लाल आंखें और भूख की कमी रूबेेला के मुख्य लक्षण हैं।

रूबेला खसरे की तरह वायरस से उत्पन्न होता है। यह संक्रमित रोग है। व्यक्ति के खांसने या छींकने पर हवा की ओर से लाए गए कणों से फैलता है। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क या उसके उपयोग में लाई वस्तुओं के प्रयोग से भी फैलता है। रूबेला में चेहरे पर घावों के

निशान शरीर और हाथ-पैरों तक फैल जाते हैं और आमतौर पर तीन दिन बाद हल्के पड़ जाते हैं। खसरे में ऐसा नहीं होता। लिहाजा, इनमें से कौन रोग हुआ है, इसका पता लैब में भेजे सैंपलों की रिपोर्ट के बाद ही चलता है। इसलिए यह रोग जब किसी बच्चे को हो तो उसके पास अन्य बच्चों को नहीं आने दें। 

पता कर रहा हूं: निदेशक 
निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डा. बलदेव कुमार ने बताया कि उन्हें मालूम नहीं है कि हिमाचल में रूबेला का कोई मरीज है। बीमारी को लेकर उन्होंने स्थानीय मेडिकल अधिकारी से जानकारी लेने की बात कही है। 

स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि रूबेला के मामले सामने आने के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। विभाग से अधिकारियों से इस बारे में रिपोर्ट तलब की जाएगी। 

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