कुरान ने गाय को पवित्र माना, ग्रंथ में है पूरा अध्याय: आरएसएस
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आरएसएस के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं प्रख्यात विचारक इंद्रेश कुमार ने कहा कि बीफ पर अनापशनाप बयानबाजी करने वाले पहले इस्लाम के ग्रंथों को ठीक से पढ़ लें। इस्लाम के पवित्र ग्रंथ कुरान शरीफ में बीमारियों से बचाव पर सबसे बड़ा धार्मिक अध्याय लिखा हुआ है। इस अध्याय का नाम बकर है। बकर का अर्थ गाय होता है। यानी, कुरान शरीफ में भी गाय का जिक्र है।
बकर नाम के इस अध्याय में साफ लिखा है कि गाय बीमारियों से बचाती है। गाय का दूध पूर्ण भोजन है। मूत्र औषधि है। गोबर गरीब का सीमेंट है। यानी, देश की 60 फीसदी गरीब जनता मकान निर्माण में गोबर का इस्तेमाल करती है। यहां तक कि विभिन्न इस्लाम धर्म गुरुओं ने बीफ सेवन को पाप बताकर उसके सेवन से इंकार किया है।
बीफ सेवन धार्मिक उन्माद और राजनीति के सिवाय और कुछ भी नहीं है। इंद्रेश कुमार दयानंद स्कूल धर्मशाला में आरएसएस के एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हिंदू और मुसलमानों को एकसाथ मिलकर सद्मार्ग पर चलना है।
'सिर्फ आरएसएस को गाली देना जानते हैं राहुल'
अज्ञान और अंधकार की मुक्ति के लिए आंदोलन चलाना होगा। गाय का मांस खाने जैसी राक्षस वृति को खत्म कर सत्व वृत्ति को लाना होगा। इस दौरान पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान इंद्रेश कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार के नेताओं के बयान विवादित नहीं हैं, उन्हें विवादित बनाया जा रहा है।
कुछ लोग गड़बड़ी कर भारत में उन्माद पैदा करना चाहते हैं। ऐसे में सभी मजहबों के लोगों को देश बचाना होगा। जाति, दल और पंथ के नाम पर मिलकर काम करना होगा। कुछ नेता गाली गलौज करने के बजाय धर्म को समझने का प्रयास करें। गाय की कुर्बानी मानवता के हित में नहीं है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी को सिर्फ आरएसएस और बीजेपी को गाली देने वाली एक ही लाइन आती है। राहुल गांधी राजनीतिक व्यापार कर रहे हैं। कार्यक्रम के बाद आएसएस के स्वयंसेवकों ने धर्मशाला में पंथ संचलन भी किया।