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हिमाचल में आंधी-ओलों से करोड़ों का नुकसान, दर्जनों स्कूल बंद
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Updated Sat, 08 Apr 2017 09:04 AM IST
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सरकार ने प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर ओलावृष्टि और तूफान से हुए नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। अब तक मिली रिपोर्टों के अनुसार करीब पांच करोड़ रुपये की बागवानी फसल नष्ट हो चुकी है। इसके अलावा प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में तूफान और ओलावृष्टि के कारण चार लोगों की मौत हो गई है। ढाई सौ से ज्यादा मकान, दुकान और गौशालाओं को नुकसान पहुंचा है।
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आईपीएच विभाग की 28 पेयजल और 15 सिंचाई योजनाएं, चंबा जिले के भरमौर में बिजली बोर्ड के 32 ट्रांसफार्मर खराब हो गए हैं। सरकार ने प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान के बाद लोगों को मुआवजा देने का काम भी शुरू कर दिया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक तूफान और ओलावृष्टि से सबसे ज्यादा जानमाल का नुकसान चंबा जिले में हुआ है।
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जिले के करीब 198 मकानों और सात दुकानों को नुकसान पहुंचा है। 82 गौशालाएं पूरी तरह तबाह हो गई हैं। कांगड़ा जिले के पालमपुर में 28 मकान, कल्पा में एक और मंडी सदर में तीन दुकानों को नुकसान पहुंचा है। कांगड़ा में 38 गौशालाओं को भी आंशिक नुकसान पहुंचा है। विशेष सचिव आपदा प्रबंधन डीडी शर्मा ने बताया कि आपदा में अब तक चार लोगों की मौत की बात सामने आई है।
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मंडी में एक व्यक्ति की आग की चपेट में आने से मौत हुई है, जबकि कुल्लू में दो लोगों की मौत हाइपोथर्मिया से हुई है। बताया कि चंबा में तूफान की चपेट में आने से मरने वाले व्यक्ति के परिवार वालों को दस हजार रुपये की राहत राशि दी गई है। सभी जिलों के डीसी को निर्देश दिए हैं कि वे प्रतिदिन की रिपोर्ट भेजें, ताकि उसके आधार पर मुआवजा और राहत सामग्री का वितरण किया जा सके।
छतें उड़ने से चंबा के पांच दर्जन स्कूल 10 अप्रैल तक बंद
प्रदेश में बीते दिनों चलेतूफान से स्कूल भवनों की छतें उड़ने से चंबा जिले में 60 स्कूलों को बंद कर दिया गया है। स्कूल प्रभारियों और बीईईओ को 10 अप्रैल तक वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। तूफान से बुरी तरह प्रभावित हुए इन स्कूलों में पढ़ाई नहीं हो पा रही है। ऐसे में प्रारंभिक शिक्षा विभाग को स्कूल बंद करने का फैसला लेना पड़ा है।
स्कूलों में नुकसान का आकलन करने के निर्देश प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक ने समस्त खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों को दिए हैं। विभागीय जानकारी के अनुसार करीब पांच दर्जन स्कूलों को तूफान के चलते नुकसान पहुंचा है। स्कूलों की छतें उखड़ गई हैं। अब यहां कक्षाएं लगाना संभव नहीं है।
शुक्रवार को इन स्कूलों में विभाग की ओर से त्वरित अवकाश घोषित किया गया। प्रारंभिक शिक्षा विभाग चंबा ने समस्त बीईईओ और स्कूल प्रभारियों को सोमवार से पहले कक्षाएं लगाने के लिए भवन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। अगर सोमवार तक इन स्कूलों में कक्षाएं लगाने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होती है तो इस बारे रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।
व्यवस्था करने के दिए निर्देश: उपनिदेशक
प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक बलजीत सिंह ने कहा कि तूफान से स्कूलों को नुकसान पहुंचा है। स्कूल प्रभारियों को सोमवार 10 अप्रैल तक व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। नुकसान का आकलन करने के निर्देश बीईईओ को जारी कर दिए हैं।
पूरे प्रदेश से मंगवाई गई नुकसान की रिपोर्ट: मनमोहन
प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मनमोहन शर्मा ने बताया कि प्रदेश में बीते दिनों तूफान चलने के चलते हुए स्कूलों के नुकसान की रिपोर्ट पूरे प्रदेश से मंगवाई गई है। स्कूलों में वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए 10 अप्रैल तक चंबा जिले में कई स्कूलों को बंद कर दिया गया है।