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Himachal: मंडी मध्यस्थता योजना के 23 करोड़ रुपये जारी, HPMC को 11.50 करोड़ और हिमफेड को भी 11.50 करोड़ जारी
Mon, 20 May 2024 05:48 PM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Mon, 20 May 2024 05:48 PM IST
सार
हिमाचल प्रदेश सरकार मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) में बकाया राशि में से 23 करोड़ जारी कर दिए हैं।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश सरकार ने सूबे के बागवानों को मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) में बकाया राशि में से 23 करोड़ जारी कर दिए हैं। बागवानों से सी ग्रेड सेब की खरीद करने वाली सरकारी एजेंसियों एचपीएमसी और हिमफेड को साढ़े ग्यारह-साढ़े ग्यारह करोड़ जारी किए गए हैं। प्रदेश के करीब 2 लाख बागवान परिवारों का पिछले सेब सीजन का 56 करोड़ प्रदेश सरकार पर बकाया है। संयुक्त किसान मंच लंबे समय से एमआईएस का बकाया पैसा बागवानों को जारी करने की मांग उठा रहा था।
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मौसम की मार से इस साल सेब की फसल पर संकट गहरा गया है। बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि से सेब की फसल को भारी नुकसान हुआ है। तापमान में भारी बढ़ोतरी से भी सेब की फसल प्रभावित हो रही है। बागवान सेब सीजन को लेकर चिंतित हैं। पिछले साल भी बागवानों को मौसम की मार के कारण बड़ा नुकसान उठाना पड़ा था। इस सीजन में स्प्रे, खाद, पैकिंग सामग्री सहित अन्य खर्चों के लिए बागवानों को इस समय पैसे की जरूरत है।
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एमआईएस में खरीदे सेब का बागवानों को 50 फीसदी प्रदेश सरकार और 50 फीसदी केंद्र सरकार भुगतान करती थी, लेकिन बीते साल केंद्र सरकार ने एमआईएस के लिए बजट खत्म कर दिया। औपचारिकता के लिए पूरे देश के किसान बागवानों के लिए महज एक लाख रुपये बजट रखा गया। केंद्र से मदद न मिलने के कारण अब प्रदेश सरकार को ही पूरा पैसा चुकाना होगा। बीते साल बागवानों से सरकार ने करीब 52915 मीट्रिक टन सेब खरीदा था। जिसकी 80 करोड़ की देनदारी बकाया थी।
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एमआईएस में पिछले साल बागवानों से खरीदे गए सेब के एवज में एक और किस्त जारी की गई है। एचपीएमसी को 11.50 करोड़ और हिमफेड को भी 11.50 करोड़ जारी किए गए हैं। बजट प्रावधान निरंतर प्रक्रिया है, सरकार के आदेशों पर जल्द ही बाकी बकाया राशि भी जारी कर दी जाएगी- सी. पालरासू, सचिव, बागवानी
पूरी राशि जारी कर डीबीटी से खातों में डाली जाए: मंच
संयुक्त किसान मंच के संयोजक हरीश चौहान और सह संयोजक संजय चौहान ने प्रदेश सरकार से एमआईएस के तहत बकाया पूरी राशि 56 करोड़ जारी करने की मांग की है। साथ ही पैसा बागवानों के बैंक खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) योजना के जरिये डालने की मांग की है।