{"_id":"5b8d54b942c79210ba2df4d6","slug":"rosa-khan-gave-message-of-communal-harmony-by-becoming-radha-on-janmashtami","type":"story","status":"publish","title_hn":"जन्माष्टमी पर रोजा खान ने राधा बनकर दिया सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जन्माष्टमी पर रोजा खान ने राधा बनकर दिया सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिलासपुर
Updated Tue, 04 Sep 2018 11:55 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कन्हैया के जन्मोत्सव जन्माष्टमी पर स्कूल कार्यक्रम में राधा बनी रोजा खान की प्यारी मुस्कान के सभी कायल हो गए हैं। पांच वर्ष की रोजा खान को राधा के लिबास में तैयार किया गया था।
विज्ञापन
रोजा के पिता और मां ने न सिर्फ जन्माष्टमी पर बेटी को राधा के रूप में ढाला बल्कि स्कूल आकर पूरे कार्यक्रम का भी खूब मजा लिया। मौका था बिलासपुर के एक प्ले स्कूल में जन्माष्टमी महोत्सव का। इस अवसर पर रोजा सभी के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई।
विज्ञापन
रोजा के पिता डॉ. मोहम्मद रशीद पेशे से नेत्र रोग विशेषज्ञ हैं। डॉ. रशीद ने कहा कि धर्म के नाम पर दकियानूसी विचारों पर ध्यान न देकर सभी को इंसान बनना चाहिए। बेटी को जन्माष्टमी पर राधा बनाने के पीछे गंगा-जमुनी तहजीब को दर्शाना है।
विज्ञापन
जन्माष्टमी पर्व पर उन्होंने परिवार के साथ कार्यक्रम का लुत्फ उठाया। रोजा खान की गृहिणी मां आशिमा खान ने कहा, रोजा को उन्होंने पूरे शौक के साथ राधा के स्वरूप में तैयार किया।
बच्चों के बीच जन्माष्टमी की धूम में उन्हें कौमी एकता के संदेश ने सकून दिया है। यह कौमी एकता इसी तरह से बनी रहे और आपसी सौहार्द से उत्सव के हर मौके साथ मनाए जाएं तो समाज कभी टूट नहीं सकता।