{"_id":"f6faefc78117b5f6bc0d146e987a8191","slug":"rorik-past-and-modernity-painting-exihibition-at-gaity","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारत रूस संबंधों का इतिहास जानना है तो पहुंचो गेयटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भारत रूस संबंधों का इतिहास जानना है तो पहुंचो गेयटी
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 08 Jul 2014 10:34 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गेयटी थियेटर में सोमवार को रॉरिक समझौते को समर्पित ‘द रॉरिक पास्ट एंड माडर्निटी’ नामक प्रदर्शनी का मुख्यमंत्री ने शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि यह हिमाचलवासियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर है।
विज्ञापन
भारत में अपनी तरह की यह पहली प्रदर्शनी है। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शनी से न केवल भारत व रूस के बीच द्विपक्षीय संबंध सुदृढ़ होंगे, बल्कि इसका प्रभाव दोनों देशों की सांस्कृतिक एकता में भी झलकेगा।
विज्ञापन
रॉरिक अंतर्राष्ट्रीय केंद्र तथा अंतर्राष्ट्रीय रॉरिक स्मृति न्यास, नग्गर जिला कुल्लू द्वारा ललित कला अकादमी नई दिल्ली के साथ मिलकर प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने कहा कि निकॉल्स रॉरिक जो कि कला तथा संस्कृति के विश्व की आत्मा थे, ने हिमाचल प्रदेश को अपने दूसरे आवास के रूप में चुना। इसी जगह ने निकॉल्स को हिमालय के शाश्वत सौंदर्य के अद्वितीय प्रतिमान चित्रों के रूप में सृजित करने को प्रेरित किया।
उन्हें प्रसन्नता है कि वर्ष 2015 में इस समझौते पर हस्ताक्षर करने की 80वीं वर्षगांठ मनाई जाएगी। अंतर्राष्ट्रीय रॉरिक स्मृति न्यास के न्यासी शक्ति चंदेल ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। रूसी दूतावास के वरिष्ठ काउंसलर सरगे कारमालितो ने भी इस अवसर पर संबोधित किया। इस अवसर पर प्रसिद्ध चित्रकार हिम चटर्जी ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।