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PMGSY: पीएमजीएसवाई फेज तीन में अब नई तकनीक से बनेगी सड़कें, शिमला में इंजीनियरों ने किया मंथन

Tue, 23 May 2023 08:11 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 23 May 2023 08:11 PM IST
सार

अब हिमाचल में पुरानी सड़कों को अब नई तकनीक से बनाया जाएगा। इसको लेकर शिमला के पीटरहॉफ में इंजीनियरों का एक दिवसीय सम्मेलन हुआ।

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Roads will now be built with new technology in PMGSY Phase III, engineers brainstormed in Shimla
प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक योजना(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक योजना फेज-तीन के तहत अब हिमाचल में पुरानी सड़कों को अब नई तकनीक से बनाया जाएगा। इसको लेकर शिमला के पीटरहॉफ में इंजीनियरों का एक दिवसीय सम्मेलन हुआ। इसमें इंजीनियरों को नई तकनीक के बारे में जानकारी दी गई। ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव डॉ. आशीष गोयल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर हिमाचल, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों के करीब 200 इंजीनियर उपस्थित रहे।

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इंजीनियररों को बताया कि इन सड़कों को मशीन से उखाड़ने के बाद सालों पुराने गटके को निकालकर नए सिरे से बिछाया जाएगा। पहली लेयर के बाद सीमेंट और स्टेबलाइजर मिलाकर बिछाया जाना है। सड़क के टॉप पर ब्लैक टॉप की सेमीलेयर बिछाई जाएगी। हिमाचल में पहली बार यह तकनीक अपनाई जा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार को इस तकनीक में कामयाबी मिली है। अब हिमाचल में इसे शुरू किया जा रहा है।
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लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर इन चीफ अजय गुप्ता ने बताया कि नई तकनीक से सड़कों को तैयार किया जाएगा। नए सिरे से बनाए जाने वाली यह सड़कें सालों तक टिकी रहेंगी। इनमें बार बार टारिंग करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पीएमजीएसवाई फेज तीन के तहत हिमाचल के लिए 3,120 किलोमीटर सड़कें स्वीकृत हुई हैं। इनमें 596 पुरानी सड़कों को नई तकनीक से बनाया जा रहा है। कई ऐसी सड़कें हैं, जो 50 साल पुरानी हैं। लोक निर्माण विभाग का मानना है कि हिमाचल में सालों पहले बनी कई सड़कों की हालत दयनीय है। सड़कों का लेबल ऊपर नीचे हो गया है। इन सभी सड़कों को दुरुस्त किया जाएगा। सात करोड़ से नई तकनीक की मशीन को खरीदा जा रहा है। यह मशीन सड़क को उखाड़ेगी, साथ ही सड़क का लेवल बनाने के साथ साथ टारिंग भी करेगी।

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