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शिमला: तापमान बढ़ने से सेब की सेटिंग में आने लगी दिक्कत, बागवानों की परेशानी बढ़ी

Sun, 20 Mar 2022 02:03 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Sun, 20 Mar 2022 02:03 PM IST
सार

बागवान बृजलाल कहते हैं कि लंबे समय से उनके इलाके में बारिश नहीं हुई है। बगीचों की नमी लगातार कम हो रही है। इससे फलों खासकर सेब की सेटिंग प्रभावित हो रही है। यही स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो सेब की पैदावार पर भी विपरीत असर पडे़गा।

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rise in temperature effects apple fruit setting in himachal pradesh
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में तापमान बढ़ने के कारण सेब की सेटिंग में दिक्कत आने लगी है। सेब की सेटिंग के लिए अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस से नीचे चाहिए, तभी फल पेड़ों में टिक पाते हैं। वर्तमान में तापमान अधिक रहने से बागवानों की परेशानी बढ़ने लगी है।   

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बागवानों का कहना है कि इन दिनों नाशपाती और सेब की सेटिंग का समय है। कम तापमान के लिए बगीचों में नमी की जरूरत होती है। थानाधार क्षेत्र के बागवान बृजलाल कहते हैं कि लंबे समय से उनके इलाके में बारिश नहीं हुई है। बगीचों की नमी लगातार कम हो रही है। इससे फलों खासकर सेब की सेटिंग प्रभावित हो रही है। यही स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो सेब की पैदावार पर भी विपरीत असर पडे़गा। अन्य इलाकों के बागवान भी यही शिकायत कर रहे हैं।
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हिमाचल प्रदेश सब्जी एवं फल उत्पादक संघ के अध्यक्ष हरीश चौहान कहते हैं कि प्रदेश के सेब उत्पादक शिकायत करने लगे हैं कि उनके इलाकों में लगातार तापमान बढ़ने से सेब के पेड़ों पर विपरीत असर पड़ने लगा है। सेब की सेटिंग में दिक्कत आने लगी है। तापमान लंबे समय तक बढ़ा रहता है तो सेब पर विपरीत असर पड़ेगा। 
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बगीचों में नमी रखने के लिए करें मल्चिंग   
बागवानी विशेषज्ञ डॉ. एसपी भारद्वाज कहते हैं कि फिलहाल बगीचों में नमी बनी हुई है, क्योंकि इस बार बर्फबारी अच्छी हुई है। अगर बागवानों को लगता है कि उनके बगीचों में नमी कम है तो इसके लिए घास या प्लास्टिक शीट से मल्चिंग कर लें। पेड़ों में बरसात का पानी पहुंचाने के लिए स्थान बनाकर रखें।

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