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राजस्व ने रिकॉर्ड में बेटी को पत्नी और नौ साल पहले मृत महिला को दिखाया जिंदा
Thu, 28 Nov 2019 12:53 PM IST
Krishan Singh
हितेश शर्मा, अमर उजाला, नाहन (सिरमौर)
हितेश शर्मा, अमर उजाला, नाहन (सिरमौर)
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 28 Nov 2019 12:53 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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सिरमौर में राजस्व विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। ऑनलाइन राजस्व रिकॉर्ड में बेटी को पिता की पत्नी दर्शा दिया है। जबकि, नौ साल पहले गुजर चुकी पत्नी को रिकॉर्ड में जिंदा कर दिया।
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मामला जब विभाग के संज्ञान में आया तो अधिकारियों के भी हाथ-पांव फूल गए। मामला पांवटा तहसील के माजरा गांव का है। राजस्व विभाग ने रिकॉर्ड ऑनलाइन तो कर दिए हैं, लेकिन रिकॉर्ड में भारी खामियों के चलते एक ही परिवार के सारे रिश्ते नाते भी उलट पुलट कर रख दिए हैं। माजरा पटवार सर्कल में एक नकल जमाबंदी में विभाग ने ऐसा कारनामा किया कि बेटी को उनके पिता की पत्नी दर्शा दिया।
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माजरा के रहने वाले मेहंदी हसन ने बताया कि उनकी पत्नी शाहिना प्रवीण को उसके ही पिता की विधवा दर्शाया। जबकि उनकी पत्नी शाहिना की मां शाहीदा बेगम का निधन 10 मार्च 2010 को हुआ था। विभाग ने शाहीदा बेगम को रिकॉर्ड में जिंदा कर दिया है।
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रिकॉर्ड में शाहिना प्रवीण को शाहीदा प्रवीण दर्शाया गया है। मृत शाहीदा बेगम को शाहिना बेगम लिखा गया है। उन्होंने बताया कि असल में उनकी पत्नी का नाम शाइना प्रवीण हैं। हैरानी की बात है कि विभाग नकल जमाबंदी में चढ़े नामों को भी दुरुस्त नहीं कर पाया है। नकल जमाबंदी में ये खामियां पहले से नहीं हैं।
पहले का रिकॉर्ड बिल्कुल दुरूस्त है। जबसे विभाग ने रिकॉर्ड को ऑनलाइन किया है तभी से ऐसी खामियां पाई जा रही हैं। रिकॉर्ड में उनके साले के नाम से भी छेड़छाड़ की गई है।
उनका असल नाम अब्दुल खालिक है। जबकि, रिकॉर्ड में उसे मुहम्मद खालिक दर्शाया गया है। इसके अलावा भूमि का रकबा भी विभाग ने 2 बीघा एक बिस्वा की जगह एक बीघा 19 बिस्वा दिखा दिया है।
उधर, जिला राजस्व अधिकारी राजकुमार ठाकुर ने बताया कि रिकॉर्ड से छेड़छाड़ की उन्हें जानकारी नहीं है। यदि ऑनलाइन रिकॉर्ड में ऐसा हुआ है तो वह इसकी जांच कराएंगे। इस बारे पटवारी को आदेश दिए जा रहे हैं।