दिल्ली में बैठक का असर, वीरभद्र सरकार में हो सकते हैं बदलाव
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दिल्ली में आलाकमान से बैठक के बाद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और मंत्री, विधायक शिमला लौट आए हैं। इस बैठक के बाद अब सरकार में कुछ बदलाव दिख सकते हैं। मंत्रियों और विधायकों की नाराजगी दूर करने के लिए कड़े फैसले लिए जा सकते हैं।
मंत्रिमंडल में फेरबदल और तबादलों से रोक हट सकती है। बोर्डों-निगमों के अध्यक्षों और उपाध्यक्षों पर नकेल कस सकती है। अफसरशाही के ढीले स्क्रू भी कसना तय माना जा रहा है।
नई दिल्ली में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और पार्टी की हिमाचल प्रभारी अंबिका सोनी की अध्यक्षता में बीते शनिवार को हुई बैठक में जहां एक ओर कांग्रेस के कई प्रमुख नेताओं ने वीरभद्र सिंह के नेतृत्व में विश्वास जताने की बात की, वहीं सरकारी कामकाज पर भी उंगली उठाई है।
इसी में मंत्रियों, विधायकों को अधिक तरजीह देने की बातें भी उठी हैं। जैसे मंत्रियों को कर्मचारियों के तबादले करने की शक्तियां देने समेत कई मसले उठे। ऐसे में सीएम थोड़े समय के लिए मंत्रियों को सामान्य तबादलों में छूट दे सकते हैं।
क्लास टू अधिकारियों तक के तबादलों की शक्तियां मांग रहे हैं मंत्री
हालांकि, मंत्री क्लास टू अधिकारियों तक के तबादलों की शक्तियां मांग रहे हैं। बोर्डों-निगमों के अध्यक्षों-उपाध्यक्षों की असंतुलित तैनाती का मसला उठने और उन्हें विधायकों से ज्यादा कंसीडर करने के मामले में भी सरकार संज्ञान ले सकती है। ऐसे में घाटे में चल
रहे बोर्डों-निगमों के अध्यक्षों-उपाध्यक्षों पर तलवार भी लटक सकती है। उन्हें खर्चे कम करने के निर्देश जारी किए जा सकते हैं। कांग्रेस सांसद विप्लव ठाकुर की इस बैठक में देहरा में ही केंद्रीय विश्वविद्यालय खोलने की मांग पर भी सरकार चर्चा कर सकती है। हालांकि, सीएम इसे धर्मशाला के निकट ही चाह रहे हैं।
5 अप्रैल को हो सकती मंत्रिमंडल की बैठक- प्रदेश सरकार 5 अप्रैल को विधानसभा में मंत्रिमंडल की बैठक कर सकती है। बैठक में रिक्त पदों को भरने, पीएचसी का दर्जा बढ़ाने और मंत्री और विधायकों के वेतन और भत्तों में बढ़ोतरी को मामला बैठक में मंजूरी के लिए आने की जानकारी है।
मंत्री पद को लॉबिंग शुरू
हिमाचल के मौजूदा सियासी हालात का लाभ उठाते हुए जातीय और क्षेत्रीय संतुलन की दुहाई देते हुए कुछ नेताओं ने मंत्री पद के लिए लॉबिंग तेज कर दी है। हमीरपुर और कांगड़ा संसदीय क्षेत्रों से अनुसूचित जाति और ओबीसी से मंत्री बनाने की मांग उठी है। पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व मंत्री कुलदीप कुमार ने इस मामले को हाईकमान के समक्ष भी उठाया है।
कुलदीप कुमार ने इस मामले को शनिवार को नई दिल्ली में हुई कांग्रेस की विस्तारित समन्वय समिति की बैठक में भी उठाया। हालांकि, उन्होंने सीधे न कहते हुए अपने बारे में ये बात रखी है कि ऊना और कांगड़ा संसदीय क्षेत्र से अनुसूचित जाति और ओबीसी से कोई भी नेता मुख्यधारा में नहीं हैं।
इस बारे में न्याय होना चाहिए। सूत्रों की मानें तो कांग्रेस का एक और खेमा घुमारवीं के कांग्रेस विधायक राजेश धर्माणी को भी क्षेत्रीय संतुलन की बात करते हुए मंत्री बनाने की पैरवी कर रहा है। धर्माणी को विद्या स्टोक्स के करीबी नेताओं में माना जाता है। सूत्र बताते हैं कि स्टोक्स खेमा धर्माणी की पैरवी कर रहा है।
वीरभद्र मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई आज- मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ सीबीआई में चल रहे आय से अधिक संपत्ति के मामले में सोमवार को सुनवाई होगी। सीबीआई ने दिल्ली हाईकोर्ट में सीएम की गिरफ्तारी और पूछताछ पर लगाई गई रोक के फैसले को चुनौती दी है। अब सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट के रुख पर सबकी नजरें टिकी हैं। सूत्रों ने बताया कि बीते दिनों सीएम वीरभद्र सिंह की ओर से मामले की पैरवी कर रहे अधिकारियों ने भी इस पर उनसे स्थिति स्पष्ट की है।