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Shimla News: छुट्टियों में नहीं हो पाया छात्रावासों का मरम्मत कार्य
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शीतकालीन अवकाश खत्म होने के बाद एचपीयू में 18 फरवरी से शुरू हो जाएंगी कक्षाएं
विवि खुलने के बाद मरम्मत कार्य करवाना होगा मुश्किल
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) में शीतकालीन अवकाश समाप्त होने पर 18 फरवरी से कक्षाएं शुरू होंगी। इसके साथ ही सर्दियों की छुटि्टयों में घर गए छात्र भी छात्रावासों में लौट आएंगे। इन छुट्टियों में विवि ने छात्रावासों की मरम्मत और रखरखाव की योजना बनाई थी लेकिन यह सिरे नहीं चढ़ पाई।
अभी तक एक भी छात्रावास में मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो सका है। सिंगल एजेंसी को दिए जाने वाले मरम्मत और रखरखाव के कार्य के तहत अभी तक सिर्फ एक कन्या छात्रावास के कार्य का टेंडर हो पाया है, लेकिन कार्य शुरू नहीं हुआ। छात्रावास ईरावती के कार्य के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं। अब छात्रावासों में विद्यार्थियों के लौटने पर मरम्मत कार्य करवाने में ठेकेदारों और निर्माण को लेकर दिक्कतें पेश आ सकती हैं।
छात्रों के छात्रावासों में रहते हुए कार्य करवाना विवि के लिए आसान नहीं होगा। विवि प्रशासन ने सर्दियों की इन छुटि्टयों में पीएम उषा के तहत मिलने वाले करोड़ों के बजट से छात्रावासों की दशा सुधारने का फैसला लिया था। पीएम उषा (प्रधान मंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान) के तहत विवि को मंजूर हुए सौ करोड़ के अनुदान में से 16 करोड़ रुपये छात्रावासों पर खर्च किए जाने की योजना है। विश्वविद्यालय के गिरिगंगा, चंद्रभाागा, ईरावती, विद्योतमा, सरस्वती और लड़कों के श्रीखंड, शहीद भगत सिंह छात्रावासों का मरम्मत कार्य करवाया जाना है। इन कार्यों को अब विवि को विवि खुलने के बाद ही करवाना पड़ेगा। विवि के मरम्मत एवं रखरखाव मंडल के अधिशासी अभियंता ज्योति शर्मा ने कहा कि पीएम उषा की बजट को खर्च करने की शर्त से कार्य शुरू करने में देरी हुई है। शर्त के मुताबिक कार्य के लिए एक एजेंसी को हायर कर एमओयू साइन करना जरूरी है। इस शर्त को पूरा करने में काफी समय लग गया। अब आवंटित किए कार्यों को जल्द शुरू करने की तैयारी है।
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नहीं खुला श्रीखंड छात्रावास
कंपन की शिकायत के बाद बंद किया श्रीखंड छात्रावास अभी तक नहीं खुल पाया है। विवि ने उपकरण लगाकर छात्रावास की स्थिति को जानने के लिए जियोलॉजिकल सर्वे करवाया लेकिन छह माह बाद भी इसकी रिपोर्ट नहीं आई। इस कारण खाली करवाए छात्रावास में छात्रों को ठहराए जाने पर विवि प्रशासन कोई फैसला नहीं ले पाया है। चीफ वार्डन प्रो. आरएल जिंटा ने कहा कि निर्माण और रखरखाव मंडल के अधिकारियों से हुई बात में बताया कि इसी माह जियोलॉजिकल सर्वे की रिपोर्ट आने की पूरी उम्मीद है।
छात्रावासों में लगाए 41 सीसीटीवी कैमरा
विवि के चीफ वार्डन प्रो. आरएल जिंटा ने बताया कि छुट्टियों में विवि के छात्रावासों में 41 सीसीटीवी कैमरा कॉरिडोर में लगाने का कार्य पूरा हो चुका है। इनमें 29 कैमरे लड़कों के छात्रावासों में लगाए गए हैं। बारह कैमरे लड़कियों के छात्रावासों में लगाए जाएंगे। छात्रावासों में छात्र गुटों के बीच होने वाले लड़ाई झगड़े और उलझने से माहौल खराब होने की घटनाओं को रोकने के मकसद से सीसीटीवी कैमरा लगाए गए हैं।
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विवि खुलने के बाद मरम्मत कार्य करवाना होगा मुश्किल
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) में शीतकालीन अवकाश समाप्त होने पर 18 फरवरी से कक्षाएं शुरू होंगी। इसके साथ ही सर्दियों की छुटि्टयों में घर गए छात्र भी छात्रावासों में लौट आएंगे। इन छुट्टियों में विवि ने छात्रावासों की मरम्मत और रखरखाव की योजना बनाई थी लेकिन यह सिरे नहीं चढ़ पाई।
अभी तक एक भी छात्रावास में मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो सका है। सिंगल एजेंसी को दिए जाने वाले मरम्मत और रखरखाव के कार्य के तहत अभी तक सिर्फ एक कन्या छात्रावास के कार्य का टेंडर हो पाया है, लेकिन कार्य शुरू नहीं हुआ। छात्रावास ईरावती के कार्य के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं। अब छात्रावासों में विद्यार्थियों के लौटने पर मरम्मत कार्य करवाने में ठेकेदारों और निर्माण को लेकर दिक्कतें पेश आ सकती हैं।
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छात्रों के छात्रावासों में रहते हुए कार्य करवाना विवि के लिए आसान नहीं होगा। विवि प्रशासन ने सर्दियों की इन छुटि्टयों में पीएम उषा के तहत मिलने वाले करोड़ों के बजट से छात्रावासों की दशा सुधारने का फैसला लिया था। पीएम उषा (प्रधान मंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान) के तहत विवि को मंजूर हुए सौ करोड़ के अनुदान में से 16 करोड़ रुपये छात्रावासों पर खर्च किए जाने की योजना है। विश्वविद्यालय के गिरिगंगा, चंद्रभाागा, ईरावती, विद्योतमा, सरस्वती और लड़कों के श्रीखंड, शहीद भगत सिंह छात्रावासों का मरम्मत कार्य करवाया जाना है। इन कार्यों को अब विवि को विवि खुलने के बाद ही करवाना पड़ेगा। विवि के मरम्मत एवं रखरखाव मंडल के अधिशासी अभियंता ज्योति शर्मा ने कहा कि पीएम उषा की बजट को खर्च करने की शर्त से कार्य शुरू करने में देरी हुई है। शर्त के मुताबिक कार्य के लिए एक एजेंसी को हायर कर एमओयू साइन करना जरूरी है। इस शर्त को पूरा करने में काफी समय लग गया। अब आवंटित किए कार्यों को जल्द शुरू करने की तैयारी है।
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नहीं खुला श्रीखंड छात्रावास
कंपन की शिकायत के बाद बंद किया श्रीखंड छात्रावास अभी तक नहीं खुल पाया है। विवि ने उपकरण लगाकर छात्रावास की स्थिति को जानने के लिए जियोलॉजिकल सर्वे करवाया लेकिन छह माह बाद भी इसकी रिपोर्ट नहीं आई। इस कारण खाली करवाए छात्रावास में छात्रों को ठहराए जाने पर विवि प्रशासन कोई फैसला नहीं ले पाया है। चीफ वार्डन प्रो. आरएल जिंटा ने कहा कि निर्माण और रखरखाव मंडल के अधिकारियों से हुई बात में बताया कि इसी माह जियोलॉजिकल सर्वे की रिपोर्ट आने की पूरी उम्मीद है।
छात्रावासों में लगाए 41 सीसीटीवी कैमरा
विवि के चीफ वार्डन प्रो. आरएल जिंटा ने बताया कि छुट्टियों में विवि के छात्रावासों में 41 सीसीटीवी कैमरा कॉरिडोर में लगाने का कार्य पूरा हो चुका है। इनमें 29 कैमरे लड़कों के छात्रावासों में लगाए गए हैं। बारह कैमरे लड़कियों के छात्रावासों में लगाए जाएंगे। छात्रावासों में छात्र गुटों के बीच होने वाले लड़ाई झगड़े और उलझने से माहौल खराब होने की घटनाओं को रोकने के मकसद से सीसीटीवी कैमरा लगाए गए हैं।