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मुस्लिम परिवार की गुहार, हमें हिंदू बनना है

Tue, 10 Feb 2015 10:25 AM IST
Updated Tue, 10 Feb 2015 10:25 AM IST
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religion change case in himachal.

हिमाचल में भी धर्म परिवर्तन की मांग उठने लगी है। यहां एक मुस्लिम परिवार ने हिंदू बनने के लिए प्रशासन के समक्ष मांग उठा दी है। चंबा जिले में यह धर्म बदलने का मामला सामने आया है।

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सरोल क्षेत्र से मुस्लिम धर्म से ताल्लुक रखने वाले एक व्यक्ति ने सोमवार को उपायुक्त का कार्यभार संभाल रहे अतिरिक्त उपायुक्त चंबा के सामने परिवार सहित गुहार लगाई है कि वह अपनी मर्जी से धर्म बदलना चाहता है।
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उसे मुसलमान से हिंदू बनने की इजाजत दी जाए। साथ ही उसके जाति विशेष से संबंधित प्रमाण पत्र भी दुरुस्त किए जाएं। हालांकि, एडीसी ने उन्हें यह कहकर वापस लौटा दिया कि प्रशासन के पास ऐसा कोई अधिकार नहीं है।
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पिता की वजह से मिला धर्म

religion change case in himachal.

सरोल निवासी मोहम्मद अरशाद पुत्र मोहम्मद लतीफ ने अमर उजाला को बताया कि वह मुस्लिम धर्म से संबंध रखता है। यह धर्म उसे उसके पिता से मिला है। अरशाद ने बताया कि मेरी मां निर्मला और पत्नी अनीता देवी दोनों हिंदू हैं।

वह पिछले 15 वर्षों से अपने पिता से अलग रह रहा है। उसने बताया कि वह खुद, उसकी मां, पत्नी और बच्चे हिंदू धर्म का अनुसरण करते हैं। अरशाद ने बताया कि उस पर किसी भी व्यक्ति या संगठन ने धर्म परिवर्तन का दबाव नहीं डाला है।

वह अपनी मर्जी से परिवार के लिए धर्म बदलना चाहता है। प्रशासन के पास वह इसलिए आया था ताकि उसके परिवार रजिस्टर, आधार कार्ड व प्रमाणपत्र पर उसका नाम अरशाद मोहम्मद के बजाय अरशाद कुमार लिखा जाए। उसे वाल्मीकि समुदाय में शामिल होने की इजाजत मिले।

ऐसे जारी होगा प्रमाण पत्र

religion change case in himachal.

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि नियम के अनुसार धर्म परिवर्तन नहीं, बल्कि जाति दुरुस्तगी होगी। मामला राजस्व विभाग का है। इसके लिए तहसीलदार के पास एफिडेविट के साथ जाति दुरुस्तगी का आवेदन करना होगा। किसी को आपत्ति न हो उसके लिए अखबारों में विज्ञापन छपवाना होगा। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद तहसीलदार जाति दुरुस्तगी का प्रमाण पत्र जारी करेगा।

अतिरिक्त उपायुक्त चंबा शुभकर्ण सिंह का कहना है कि प्रशासन के पास ऐसा अधिकार नहीं जिसके तहत किसी को धर्म परिवर्तन की इजाजत दी जाए। अरशाद एक पत्र लेकर आया था, जिसमें उसने धर्म परिवर्तन की इजाजत मांगी थी। उसे लौटा दिया है। लोकतंत्र में धर्म परिवर्तन व्यक्ति की व्यक्तिगत इच्छा पर निर्भर है। जाति दुरस्ती राजस्व विभाग का मामला है।

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