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Sirmour News: 40 साल बाद ऐतिहासिक दिल्ली गेट से फिर गूंजेगी घंटों की ध्वनि, नप ने तैयार की योजना
Sat, 28 Oct 2023 01:01 PM IST
अरविन्द ठाकुर
हितेश शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, नाहन (सिरमौर)
हितेश शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, नाहन (सिरमौर)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 28 Oct 2023 01:01 PM IST
सार
दिल्ली गेट के सबसे ऊपरी हिस्से पर 1902 में तीन घंटे लंदन से विशेष रूप से मंगवाकर स्थापित किए गए थे। 1970 के दशक तक इन घंटों की मधुर ध्वनि शहरवासियों को सुनने को मिलती थी लेकिन इसके बाद ये खामोश हो गए।
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लिटन मेमोरियल
- फोटो : संवाद
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विस्तार
जनपद सिरमौर की ऐतिहासिक धरोहर लिटन मेमोरियल पर जल्द घंटों की मधुर ध्वनि 40 साल बाद लोगों के कानों में गूंजेगी। सब ठीक रहा तो शहर में फिर वैसा ही माहौल बनेगा, जैसा रियासतकाल में सुनने को मिलता था। दरअसल, नगर परिषद ने इसके लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। शहर की शान कहे जाने वाले लिटन मेमोरियल यानी दिल्ली गेट जिसे पहले कभी घंटाघर के नाम से जाना जाता था, उसके घंटों की मधुर ध्वनि को लौटाने के लिए नगर परिषद ने हाउस में प्रस्ताव भी डाल दिया है।
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दिल्ली गेट के सबसे ऊपरी हिस्से पर लगे तीन घंटे शहरवासियों को हर 15 मिनट, आधा घंटा और एक घंटा यानी सही समय पर अपनी ध्वनि से वक्त की जानकारी देंगे, जिसका मिलान दिल्ली गेट पर लगी चारों घड़ियों से किया जाएगा।
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ये है इतिहास
इस स्मारक का निर्माण महाराजा शमशेर प्रकाश ने साल 1877 में भारत के वायसराय लार्ड लिटन के नाहन आगमन की स्मृति में कराया था। इस स्थान पर जनता की सुविधा के लिए प्रतिदिन 12 बजे का समय अवगत कराने के लिए तोप चलाने की परंपरा थी जो आज भी दिल्ली गेट के नीचे रखी गई है।
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1902 में स्थापित हुए थे तीन घंटे
दिल्ली गेट के सबसे ऊपरी हिस्से पर 1902 में तीन घंटे लंदन से विशेष रूप से मंगवाकर स्थापित किए गए थे। 1970 के दशक तक इन घंटों की मधुर ध्वनि शहरवासियों को सुनने को मिलती थी लेकिन इसके बाद ये खामोश हो गए। फिर कभी किसी ने भी इनको बजाने की पहल नहीं की। आज की युवा पीढ़ी को भी दिल्ली गेट से गूंजने वाली मधुर ध्वनि के बारे में जानकारी नहीं है।
नगर परिषद के अधिकारियों ने किया निरीक्षण
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी संजय तोमर के निर्देश के बाद सेनेट्री अधिकारी सुलेमान ने शुक्रवार को दिल्ली गेट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने दिल्ली गेट के ऊपर ब्रास मेटल से बने एंटीक घंटों को दोबारा शुरू करने के लिए अपनी हामी भरी। सुलेमान ने कहा कि जल्द ही इनको ठीक किया जाएगा और फिर से इनकी मधुर आवाज लोगों के कानों में गूंजेगी।