Hamirpur News: 20 वर्ष पूर्व भी हुआ था भर्ती घोटाला, पूर्व आईएएस समेत चार को हुई थी सजा
प्रदेश में भाजपा की सरकार के रहते चयन बोर्ड के माध्यम से हुई इन भर्तियों में धांधली के आरोप लगे थे। वर्ष 2004 में सत्ता परिवर्तन के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इस भर्ती फर्जीवाड़े के मामले में जांच के आदेश दिए थे।
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वर्ष 2001-02 में तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के कार्यकाल में सरकारी पदों पर भर्तियां हुई थीं। प्रदेश में भाजपा की सरकार के रहते चयन बोर्ड के माध्यम से हुई इन भर्तियों में धांधली के आरोप लगे थे। वर्ष 2004 में सत्ता परिवर्तन के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इस भर्ती फर्जीवाड़े के मामले में जांच के आदेश दिए थे। विजिलेंस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की और चालान कोर्ट में पेश किया। आरोप साबित होने पर हमीरपुर सत्र न्यायालय ने चयन बोर्ड के तत्कालीन चेयरमैन एसएम कटवाल और चयन बोर्ड के एक सदस्य, दो सरकारी स्कूल अध्यापकों को इस मामले में सजा सुनाई थी। सभी हाईकोर्ट चले गए।
कोर्ट ने भ्रष्टाचार समेत अन्य धाराएं हटाते हुए एक-एक साल का कारावास और पांच-पांच हजार जुर्माने की सजा सुनाई। फिर इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय में अपील की गई। हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने अपील खारिज कर दी। सर्वोच्च न्यायालय में अपील खारिज होने के बाद चयन बोर्ड के सदस्य और दो सरकारी स्कूल के अध्यापकों को विजिलेंस ने गिरफ्तार कर लिया, जिन्हें बाद में जेल भेज दिया गया। इन तीनों की सजा अब पूरी हो गई है, जबकि पूर्व आईएएस अधिकारी कटवाल फरार हो गया था लेकिन विजिलेंस ने वर्ष 2018 में उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।