3600 शिक्षकों की भर्ती, हाईकोर्ट में शपथपत्र देंगे शिक्षा सचिव
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सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी पर हाईकोर्ट की फटकार के बाद सरकार ने एक महीने के भीतर 3600 पदों को भरने का फैसला लिया है। शिक्षा सचिव 11 जुलाई को प्रदेश हाईकोर्ट में शपथपत्र के माध्यम से भर्ती का प्लान बताएंगे। इसी कड़ी में वीरवार को दिन भर सचिव के कार्यालय में भर्ती प्रक्रिया को लेकर मंथन हुआ।
उच्च और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक सहित कई अधिकारी बैठक में मौजूद रहे। शिक्षा सचिव ने प्रारंभिक शिक्षा निदेशक को टीजीटी और जेबीटी के बैचवाइज और कमीशन के माध्यम से जल्द भर्ती करने के आदेश दिए हैं। उच्च शिक्षा निदेशक को टीजीटी से पीजीटी की पदोन्नति प्रक्रिया को समय पर पूरा करने को कहा गया है।
बीते दिनों 700 जेबीटी के पद भरने को काउंसलिंग का शेड्यूल जारी हुआ है। 50 फीसदी पद बैचवाइज और 50 फीसदी कमीशन के माध्यम से भरे जाने हैं। 26 जून को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में जेबीटी के 844 और पद भरने को मंजूरी दी गई है।
शिक्षा विभाग इन पदों को भी पूर्व में 700 पदों के लिए घोषित काउंसलिंग शेड्यूल में शामिल करने पर विचार कर रहा है। यह पद भी बैचवाइज और कमीशन से भरे जाने हैं। 1036 टीजीटी के नए पद भरने की भी सरकार ने मंजूरी दी है।
इसमें 37 फीसदी पद बैचवाइज और शेष कमीशन से भरे जाएंगे। 393 टीजीटी की बैचवाइज भर्ती का परिणाम निकलने वाला है। इसके अलावा 642 टीजीटी पदोन्नत कर पीजीटी बनाए जाने हैं। कुल मिलाकर एक महीने के भीतर शिक्षा विभाग में 3600 पद भरे जाने हैं।
सरकारी स्कूलों में एसएमसी से शिक्षक भर्ती करने के विकल्प पर भी शिक्षा विभाग ने काम शुरू कर दिया है। यह भर्ती सिर्फ दुर्गम क्षेत्रों के लिए होगी। सभी को एक समान अवसर देते हुए इस भर्ती को किया जाएगा। एसएमसी से भर्ती कब शुरू होगी, फिलहाल इसको लेकर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।
शहरी क्षेत्रों से सटे सरकारी स्कूलों में नियुक्त सरप्लस शिक्षकों को ग्रामीण क्षेत्रों में भेजने के लिए बीते दिनों किए गए युक्तिकरण से भी कई स्कूलों में शिक्षकों की रिक्तियां दूर की गई हैं।