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घर बना रहे हैं तो ध्यान से पढ़ लें ये 5 खास बातें

Tue, 06 Jan 2015 12:01 PM IST
Updated Tue, 06 Jan 2015 12:01 PM IST
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अवैध निर्माण को नियमित कराने की फीस घटाने की कवायद के बीच अब शहरों में बनने वाले नए भवनों के शुल्क भी सरकार ने आधे कर दिए हैं। टीसीपी के दायरे में आने वाले सभी क्षेत्रों में नक्शा पास कराने से लेकर चेंज ऑफ लैंड यूज, व्यावसायिक भवनों की फीस के रेट पचास फीसदी कम कर दिए हैं।

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टीसीपी विभाग ने संशोधित दरों की अधिसूचना जारी कर दी है। ये संशोधित दरें हाल ही में टीसीपी दायरे में आए क्षेत्रों में भी लागू होंगी। प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में भवन बनाने के लिए टीसीपी विभाग कई तरह की फीस वसूल करता है।
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पांच बिस्वा में एक भवन बनाने के लिए औसतन सात से 10 हजार रुपये डेवलपमेंट, बिल्डिंग ऑपरेशन फीस आदि चुकानी पड़ती है। सरकार ने सबसे बड़ी राहत पुश्तैनी जमीन वालों की दी है। इन्हें चेंज ऑफ लैंड यूज फीस नहीं देनी होगी। व्यावसायिक भवन निर्माण शुल्क भी कम कर दिया है। शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने इसकी पुष्टि की है।

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किसकी कितनी फीस?

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शहरी क्षेत्र में फीस (प्रति स्क्वेयर मीटर)
फीस---------------अब--------------पहले

डेवलपमेंट फीस------2.5 रुपये------------5 रुपये
बिल्डिंग ऑपरेशन फीस--3 रुपये----------6 रुपये
चेंज आफ लैंड यूज---5 रुपये-------------10 रुपये
व्यावसायिक फीस----7.50 रुपये----------10 रुपये
आउटर क्षेत्र में फीस (प्रति स्क्वेयर मीटर)
डेवलपमेंट फीस-------1 रुपये--------------2 रुपये
बिल्डिंग आपरेशन-----1.5 रुपये-----------3 रुपये
चेंज आफ लैंड यूज----5 रुपये------------10 रुपये
व्यावसायिक फीस-----8 रुपये-------------10 रुपये

घर जांचने आएगा जेई टैंक बनाना अब जरूरी

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वहीं, प्रदेश में अब लोगों को सोलर पेसिविक भवनों का निर्माण करना होगा। ये इसलिए ताकि भवन के भीतर एनर्जी सेव की जा सके। भवन के बाहर की दीवारें 9 इंच मोटी और भीतर इससे कम हो सकती हैं।

भवनों के साथ रेन हार्वेस्टिंग टैंक का निर्माण अनिवार्य है ताकि छत से टपकने वाले बारिश के पानी को एकत्र कर इसे शौचालय और अन्य निर्माण कार्य में इस्तेमाल किया जा सके। बचत भवन शिमला में सोमवार को भवन निर्माण के नियमों को लेकर सेमीनार आयोजित किया गया।

इसमें टाउन प्लानर राजेंद्र चौहान ने बताया कि भवन निर्माण की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए जागरूकता अभियान छेड़ा है। इसको लेकर ये सेमीनार आयोजित किया गया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों की ओर से पूछे गए प्रश्नों के जवाब भी दिए।

अवैध निर्माण पर नहीं मिलेंगी ये सुविधाएं

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अगर कोई व्यक्ति अवैध निर्माण करता है तो टीसीपी ने भवन मालिकों को बिजली और पानी के एनओसी नहीं दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि साडा एरिया में पांच बिस्वा प्लाट पर फ्रंट से दो जबकि अन्य तीन किनारों से डेढ़-डेढ़ मीटर सेट बैक छोड़ने होंगे।

ये जगह इसलिए छोड़ी जाती है ताकि आसपास के लोगों को मूलभूत सुविधाएं देने के लिए बिजली, पानी और सीवरेज लाइन बिछाई जा सके। उन्होंने लोगों से भी अपील की है कि अगर कोई व्यक्ति अवैध निर्माण करता है तो लोग इसकी सूचना विभाग को दें सकते हैं।

विभाग सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखेगा। उन्होंने कहा कि सरकार के आदेशानुसार वैध निर्माण पर अंकुश लगाने के लिए जूनियर इंजीनियरों को तीन दिन फील्ड और तीन दिन दफ्तर में रहने के निर्देश दिए हैं।

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