{"_id":"5e2849a08ebc3e4adc1eed72","slug":"ranji-trophy-himachal-set-a-record-for-the-match-draw-last-wicket-partnership","type":"story","status":"publish","title_hn":"रणजी ट्रॉफी: मैच ड्रॉ, अंतिम विकेट की साझेदारी का हिमाचल ने बनाया रिकॉर्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रणजी ट्रॉफी: मैच ड्रॉ, अंतिम विकेट की साझेदारी का हिमाचल ने बनाया रिकॉर्ड
Thu, 23 Jan 2020 12:01 PM IST
Krishan Singh
हरीश चंद्र, अमर उजाला, धर्मशाला
हरीश चंद्र, अमर उजाला, धर्मशाला
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 23 Jan 2020 12:01 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
एचपीसीए स्टेडियम धर्मशाला में रणजी ट्रॉफी के एलीट ग्रुप में हिमाचल और बड़ौदा के बीच मैच चौथे दिन ड्रॉ हो गया हो, लेकिन इस मैच में हिमाचल की टीम ने तीस साल पहले का रिकॉर्ड तोड़ा। सात अक्तूबर 1989 को श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के बीच रणजी ट्रॉफी के मैच में हिमाचल के अनुप बिज और राजीव नैय्यर के बीच अंतिम विकेट के लिए 32 रन की साझेदारी हुई थी।
विज्ञापन
जो अभी तक अंतिम विकेट के लिए हिमाचल की सबसे बड़ी साझेदारी थी। यह रिकॉर्ड धर्मशाला में टूटा। 19 से 22 जनवरी तक खेल गए हिमाचल और बड़ौदा के बीच मैच के दूसरे दिन विकेटकीपर अंकुश बैंस और गेंदबाज वैभव अरोड़ा ने अंतिम विकेट के लिए 85 रन की साझेदारी हुई, जो हिमाचल के रणजी ट्रॉफी के इतिहास में अंतिम विकेट की सबसे बड़ी साझेदारी बन गई।
विज्ञापन
85 रन की इस साझेदारी में वैभव अरोड़ा ने 11वें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 40 रन का योगदान दिया। वैभव ने 90.91 के स्ट्राइक रेट से 44 गेंदों में तीन चौकों और तीन छक्कों की मदद से 40 रन की शानदार पारी खेली, जो हिमाचल रणजी ट्रॉफी के अंतिम विकेट के लिए रिकॉर्ड बना गई। हालांकि दूसरे छोर पर अंकुश बैंस 85 गेंदों में 75 रन बनाकर नाबाद रहे।
विज्ञापन