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Raksha Bandhan 2024: कल इस समय बांधें राखी, इस मंत्र का करें जाप, मिलेगी रोगों से मुक्ति

Sun, 18 Aug 2024 05:15 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अंकेश डोगरा Updated Sun, 18 Aug 2024 05:15 PM IST
सार

कल यानी 19 अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व है। यह त्योहार प्रेम और सौहार्द का वातावरण बनाने के लिए भाई और बहन का आपस में अटूट संबंध स्थापित करने के लिए रक्षाबंधन के रूप में मनाया जाता है। कब बहनें बांधे राखी, जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर...
 

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raksha bandhan 2024 muhurat and shubh muhurat pujan vidhi bhadra kaal timing for rakhi
Raksha Bandhan 2024 - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

भारतीय संस्कृति में त्योहारों का बहुत बड़ा महत्त्व है। रक्षाबंधन का त्योहार श्रावण मास शुक्ल पक्ष पूर्णिमा के दिन 19 अगस्त 2024 भाद्रपद 4 प्रविष्टे, संवत 2081 कालयुक्त संवत में पूरे भारतवर्ष में मनाया जाएगा। यह त्योहार प्रेम और सौहार्द का वातावरण बनाने के लिए भाई और बहन का आपस में अटूट संबंध स्थापित करने के लिए रक्षाबंधन के रूप में मनाया जाता है। इस दिन बहन अपने भाई को रक्षासूत्र दाहिने हाथ में बांधकर भाई के लिए दीर्घायु की कामना करती है।

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ज्योतिषाचार्य और संस्कृत अकादमी के पूर्व सचिव डॉ. मस्त राम शर्मा ने बताया कि वैज्ञानिक पद्धति के आधार पर वैदिक विधि विधान से सम्पूर्ण भारतवर्ष में यह त्योहार मनाया जाएगा। जिससे मानसिक, शारीरिक, आध्यात्मिक शुद्धि के लिए नदी और तीर्थ स्थलों में जाकर यदि स्थान किया जाए और सूर्य भगवान की उपासना की जाए, अपने ऋषि मुनियों का स्मरण करते हुए ध्यान किया जाए तो हमारे अनेक प्रकार के अपराधों का भी प्रायश्चित हो जाता है। भारतीय संस्कृति में रक्षाबंधन का त्योहार समस्त भारत वर्ष में मनाया जाता है। कहा गया है कि इंद्र पत्नी महारानी सची ने वैदिक मंत्रों से रक्षा सूत्र को अभिमंत्रित कर अपने पति के हाथों में बांधा था, ताकि शत्रुओं पर विजय प्राप्त की जा सके। करोड़ों भारतीयों की आस्था का यह रक्षाबंधन का त्योहार 19 अगस्त 2024 को हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। रक्षा सूत्र बांधते समय येन बध्दो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः। तेन त्वां प्रतिबध्नामि रक्षे मा चल मा चल।।

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ज्योतिषाचार्य और संस्कृत अकादमी के पूर्व सचिव डॉ. मस्त राम शर्मा ने बताया कि इस मंत्र से अभिमंत्रित कर रक्षा सूत्र को हाथ में बांधने से रोगों और कीटाणुओं का विनाश करने के लिए प्रार्थना की जाती है। रक्षा सूत्र को वैदिक मंत्रों से अभिमंत्रित करते हुए हाथ में बांधा जाता है। बरसात में कीटाणु रोधक शक्ति शरीर में कम हो जाती है। रोग निरोध के लिए हृदय में यह धारणा बन जाती है कि हमने रोगों से छुटकारा पाने के लिए रक्षा सूत्र को बांधा है और हम स्वस्थ रहेंगे। यह त्योहार भाई-बहन के स्नेह का  प्रतीक है। बहन अपने भाई के हाथों में रक्षा सूत्र बनती हैं और उसे वर्ष भर किसी भी रोग इत्यादि से का सामना न करना पड़े, उसे छुटकारे की प्रार्थना करती है।

डॉ. मस्त राम शर्मा ने बताया कि महारानी कर्णावती ने भी अपने राज्य की रक्षा के लिए हुमायूं को राखी भेजी थी। रक्षाबंधन के त्योहार के दिन पूरे भारतवर्ष में संस्कृत दिवस के रूप में भी इसे बनाया जाता है, ताकि भारतीय संस्कृति की वैदिक मंत्रों को वैज्ञानिक ढंग देने के लिए स्मरण किया जा सके। रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त, क्योंकि 19 अगस्त दिन 1:30 तक  भद्रा रहेगी और उसके उपरांत सारा दिन रक्षाबंधन के लिए शुभ रहेगा, लेकिन फिर भी शुभ मुहूर्त 1:30 से 3:30 बजे के मध्य रक्षा सूत्र को बांधा जाएगा तो शुभ और मांगलिक होगा। आज कुछ लोग आडंबर इसमें करने लगे हैं, इसलिए समान्यता यदि मौली को रक्षा सूत्र के रूप में हाथ में बांधा जाए तो सभी के लिए शुभ कार्य और मांगलिक होगा।

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