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Sikander Kumar: सांसद ने सदन में रखी कालका-शिमला हैरिटेज रेललाइन को ब्रॉडगेज करने की मांग

Tue, 30 Jul 2024 06:19 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अंकेश डोगरा Updated Tue, 30 Jul 2024 06:19 PM IST
सार

कालका-शिमला हैरिटेज रेललाइन का मामला राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार ने राज्यसभा में उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि जनहित को ध्यान में रखते हुए और हिमाचल प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इस रेलमार्ग कालका से शिमला तक अविलंब ब्रॉडगेज किया जाए।

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Rajya Sabha MP Sikandar Kumar raised the issue of Kalka-Shimla Heritage Railway Line
संसद में राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार - फोटो : संसद टीवी

विस्तार

राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार ने कालका-शिमला हैरिटेज रेललाइन का मामला राज्यसभा में उठाया। उन्होंने इस रेल लाइन को ब्रॉडगेज करने की मांग की। सिकंदर कुमार ने 121 वर्ष पुरानी इस रेललाइन की खामियों और यात्रियों को पेश आ रही असुविधाओं का उल्लेख करते हुए इसके जीर्णोद्धार का मुद्दा भी सदन के समक्ष रखा।

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डॉ. सिकंदर कुमार ने केंद्र सरकार का ध्यान इस परियोजना को लेकर आकृष्ट करते हुए कहा कि 1903 से लेकर आज तक ब्रिटिशकालीन इस नैरोगेज रेलवे लाइन पर कालका से शिमला पर यातायात जारी है। इस रेलमार्ग में 103 सुरंगें व 869 पुल बने हैं। इस रेलमार्ग में ट्रेन तीखे मोड़ों से गुजरती है। इस रेलमार्ग को विश्व धरोहर का दर्जा प्राप्त है और देश-विदेश से सैलानी इस रेलमार्ग पर सफर का आनंद लेते हैं।
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डॉ. सिकंदर कुमार ने उच्च सदन में कहा कि हिमाचल एक पर्यटन स्थल है और लाखों-करोड़ों सैलानी हिमाचल घूमने के लिए आते हैं। इस रेलमार्ग को ब्रॉडगेज करने की मांग काफी समय से लंबित है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि जनहित को ध्यान में रखते हुए और हिमाचल प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इस रेलमार्ग कालका से शिमला तक अविलंब ब्रॉडगेज किया जाए।
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उन्होंने कहा कि भले ही इस ट्रैक को विश्व धरोहर का दर्जा मिल गया है, लेकिन 121 वर्ष पुराने इस ट्रैक पर कई खामियां भी हैं। इस ट्रैक पर बने कई पुल कई जगह इतने जर्जर हो चुके हैं कि स्वयं रेलवे को खतरा लिखकर चेतावनी देनी पड़ रही है। इस रेलमार्ग पर यात्रियों के लिए सुविधाओं का भी बहुत ज्यादा अभाव है। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि इस रेलमार्ग का जीर्णाेद्धार किया जाए ताकि इस रेलमार्ग पर सफर करने वाले लोगों व सैलानियों को बेहतर सुविधाएं मिल सके।

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