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हिमाचल: शिमला में झमाझम बारिश, रोहतांग और धौलाधार समेत ऊंची चोटियों पर बर्फबारी
Tue, 11 Oct 2022 02:55 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 11 Oct 2022 02:55 PM IST
सार
कुल्लू में सोमवार रात 8:30 बजे से लगातार बारिश हो रही है और दशहरा पर बारिश का खलल पड़ा है। तेज बारिश से कई देवताओं के अस्थायी शिविरों में पानी घुस गया है और ढालपुर के मैदान दलदल बन गए।
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पहाड़ियों समेत स्पीति में बर्फबारी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला समेत पूरे राज्य में बीती रात से झमाझम बारिश हो रही है। वहीं, चोटियों पर बर्फबारी हो रही है। कुल्लू व लाहौल-स्पीति जिले में सोमवार रात से बारिश का दौर जारी है। जबकि रोहतांग दर्रा, बारालाचा, घेपन पीक, नीलकंठ, कुगती जोत, लेडी ऑफ केलांग आदि चोटियों पर बर्फबारी हुई है। स्पीति में भी बर्फ के फाहे गिरे हैं। अक्तूबर माह के दूसरे पखवाड़े में ऊंची चोटियों पर हुई बर्फबारी से घाटी में ठंड ने दस्तक दी है। लोगों ने ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े निकाल दिए हैं। धौलाधार की पहाड़ियों पर भी बर्फबारी दर्ज की गई है।
देवताओं के अस्थायी शिविरों में घुसा पानी
सोमवार रात से हो रही बारिश से ढालपुर में देवलुओं पर कहर बरपाया है। देवी-देवताओं के अस्थायी शिविरों में पानी घुस गया। ऐसे में कई देवलुओं को रात भर टेंटों में दुबककर रहना पड़ा है। बारिश के चलते ढालपुर का मैदान दलदल बन गया है। कीचड़ के चलते रथयात्रा में भी परेशानी हो सकती है। बारिश के चलते दशहरा की छठी सांस्कृतिक संध्या को 12 बजे के बजाय 11:30 बजे ही बंद करनी पड़ी।
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वहीं, मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग तीन दारचा तक सभी प्रकार के वाहनों के लिए खुला है। दारचा-सरचू (बारालाचा पास) राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-003) अभी वाहनों की आवाजाही के लिए बंद है। दारचा-शिंकुला यातायात गतिविधि के लिए बंद है। कोकसर-लोसर काजा राजमार्ग (NH-505) वाहनों की गतिविधि के लिए बंद है।
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देवताओं के अस्थायी शिविरों में घुसा पानी
सोमवार रात से हो रही बारिश से ढालपुर में देवलुओं पर कहर बरपाया है। देवी-देवताओं के अस्थायी शिविरों में पानी घुस गया। ऐसे में कई देवलुओं को रात भर टेंटों में दुबककर रहना पड़ा है। बारिश के चलते ढालपुर का मैदान दलदल बन गया है। कीचड़ के चलते रथयात्रा में भी परेशानी हो सकती है। बारिश के चलते दशहरा की छठी सांस्कृतिक संध्या को 12 बजे के बजाय 11:30 बजे ही बंद करनी पड़ी।
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वहीं, मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग तीन दारचा तक सभी प्रकार के वाहनों के लिए खुला है। दारचा-सरचू (बारालाचा पास) राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-003) अभी वाहनों की आवाजाही के लिए बंद है। दारचा-शिंकुला यातायात गतिविधि के लिए बंद है। कोकसर-लोसर काजा राजमार्ग (NH-505) वाहनों की गतिविधि के लिए बंद है।