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Shimla News: मांगें पूरी न होने पर रेलवे मजदूर मना रहे रोष सप्ताह
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शिमला। उत्तर रेलवे मजदूर यूनियन ने मजदूर विरोधी नीतियों और रेलवे के निजीकरण के खिलाफ सोमवार से रोष सप्ताह मनाना शुरू कर दिया है। यूनियन के अध्यक्ष सोमनाथ मलिक और महामंत्री वीसी शर्मा ने कहा कि रेल बचाओ, देश बचाओ के नारे के साथ यह रोष सप्ताह आयोजित किया जा रहा है।
सोमवार को इस रोष सप्ताह के पहले दिन कालका रेलवे स्टेशन यूनियन के बैनर तले मजदूरों ने मीटिंग कर इस आंदोलन की रूपरेखा तैयार की। यूनियन ने आरोप लगाया कि सरकारी तंत्र रेलवे को पूरी तरह निजी करने पर तुला है। यह श्रम नियमों के खिलाफ है। रेलवे स्टेशन बेचे जा रहे हैं, रेलवे ट्रैक सिग्नल इंजन तथा कोच रिपेयर का काम वातानुकूलित कोच मेंटेनेंस तथा कोचिंग आरक्षण, टिकट बुकिंग, स्टोर दुलाई का काम, कोचों की सफाई का काम तक ठेके पर दिया जा रहा है, इससे कामगारों के रिक्त पदों को नहीं भरा जा रहा है। कामगारों की मांगें लंबित पड़ी हैं। यूनियन की मुख्य मांगों में पुरानी पेंशन बहाल करने, पे आउट रद्द करना, कोरोनाकाल में महंगाई भत्ते की फ्रीज की गईं तीन किस्तों का भुगतान करने, रिक्त पदों के बदले ठेकेदारी प्रथा को बंद करने, रिक्त पदों को भरने, आठवें पे कमीशन में मार्केट इन्फ्लेटेशन के अनुसार तथा रेलवे के प्रत्येक कैटेगरी की मल्टीप्लाई फिटमेंट देना शामिल है। इसके अलावा खस्ताहाल मकानों की मरम्मत करना, रेलवे में अप्रेंटिस किए हुए बच्चों को नौकरी देना प्रमुख मांगें हैं। ब्यूरो
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सोमवार को इस रोष सप्ताह के पहले दिन कालका रेलवे स्टेशन यूनियन के बैनर तले मजदूरों ने मीटिंग कर इस आंदोलन की रूपरेखा तैयार की। यूनियन ने आरोप लगाया कि सरकारी तंत्र रेलवे को पूरी तरह निजी करने पर तुला है। यह श्रम नियमों के खिलाफ है। रेलवे स्टेशन बेचे जा रहे हैं, रेलवे ट्रैक सिग्नल इंजन तथा कोच रिपेयर का काम वातानुकूलित कोच मेंटेनेंस तथा कोचिंग आरक्षण, टिकट बुकिंग, स्टोर दुलाई का काम, कोचों की सफाई का काम तक ठेके पर दिया जा रहा है, इससे कामगारों के रिक्त पदों को नहीं भरा जा रहा है। कामगारों की मांगें लंबित पड़ी हैं। यूनियन की मुख्य मांगों में पुरानी पेंशन बहाल करने, पे आउट रद्द करना, कोरोनाकाल में महंगाई भत्ते की फ्रीज की गईं तीन किस्तों का भुगतान करने, रिक्त पदों के बदले ठेकेदारी प्रथा को बंद करने, रिक्त पदों को भरने, आठवें पे कमीशन में मार्केट इन्फ्लेटेशन के अनुसार तथा रेलवे के प्रत्येक कैटेगरी की मल्टीप्लाई फिटमेंट देना शामिल है। इसके अलावा खस्ताहाल मकानों की मरम्मत करना, रेलवे में अप्रेंटिस किए हुए बच्चों को नौकरी देना प्रमुख मांगें हैं। ब्यूरो
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