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नशे पर हिमाचल-पंजाब सहित अन्य पड़ोसी राज्य कसेंगे नकेल
विवेक शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 29 Oct 2017 01:31 PM IST
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देश के युवाओं की नब्ज में नशा घोलकर देश को खोखला करने का प्रयास करने वालों पर शिकंजा कसने के लिए बीएसएफ ने महाजाल बिछाना शुरू कर दिया है। इसकी पहली कड़ी के तौर पर बीएसएफ, आर्मी, आईबी, एसआईटी, डीआरआई, कस्टम और एयरफोर्स सहित अन्य एजेंसियों के साथ अहम बैठक हुई।
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इस बैठक के बारे में सीलबंद रिपोर्ट पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में पेश की गई। बैठक में सूचनाएं सांझा करने और रणनीति बनाने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक के दौरान सभी एजेेंसियों की जिम्मेदारी तय की गई है। अब यह बैठक हर तीन माह में होगी।
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हाईकोर्ट को पंजाब सरकार ने बताया कि नशे के सौदागरों पर नकेल कसने को प्रिंसिपल सेक्रेटरी स्तर के अधिकारी को सांमजस्य स्थापित करने के लिए नोडल अफसर नियुक्त किया गया है।
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मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल चेतन मित्तल ने हाईकोर्ट के सामने स्टेटस रिपोर्ट के माध्यम से बीएसएफ के महाजाल के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि अब सभी एजेंसियां मिलकर ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। इसकी शुरुआत के तौर पर बीएसएफ की ओर से अन्य एजेंसियों को साथ लेकर एक अहम बैठक की गई है।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आपस में सूचनाएं साझा करना है। सूचनाओं के माध्यम से ड्रग्स की सप्लाई रोकने के लिए एक्शन प्लान तैयार करने और इसे अमनी जामा पहनाने के लिए विभिन्न एजेंसियों का आपस में तालमेल बैठाना रहा।
इस बैठक के बारे में हाईकोर्ट को सीलबंद रिपोर्ट सौंपी गई है। हाईकोर्ट ने कहा कि यह मामला बेहद संजीदा है, इसलिए इस रिपोर्ट को सीलबंद कर रजिस्ट्रार ज्युडीशियल को भेज दिया गया। खास बात यह है कि केंद्र सरकार गंभीरता से सीमा सुरक्षा के लिए काम कर रही है। इसके लिए पूरा खाका तैयार है, जिसके तहत 5 लांग टर्म प्लान हैं और बाकी अन्य शॉर्ट टर्म।
कितने समय में बॉर्डर तकनीक से सील होगा
हाईकोर्ट को बताया गया कि सर्विलांस के लिए टेक्रोलॉजिक सोल्यूशंस अपनाने के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है और जल्द ही इसका काम आरंभ हो जाएगा। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि यह बेहद संजीदा मुद्दा है और इसके लिए देरी नहीं होनी चाहिए।
इसलिए अगली सुनवाई पर केंद्र यह बताए कि कितने समय में यह काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके तहत लेजर से लेकर अन्य नवीनतम तकनीकों से सीमा की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाना है।