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अर्थशास्त्री बोले, निराशाजनक है प्रदेश सरकार का बजट
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 09 Mar 2016 08:47 AM IST
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एचपीयू में अर्थशास्त्र विभाग के प्रो. सिकंदर कुमार।
- फोटो : अमर उजाला
एचपीयू में अर्थशास्त्र विभाग के प्रो. सिकंदर कुमार के मुताबिक प्रदेश सरकार का बजट आम बजट है। इसमें प्रदेश के विकास को गति देने के लिए कोई प्रभावी कदम उठाने जैसा कुछ नजर नहीं आ रहा है। बजट में आम जनता के कल्याण के लिए कोई विशेष योजना नहीं है। गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई से निपटने के लिए प्रदेश की जनता के विपरीत कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं।
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सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए वार्षिक बजट में मामूली बढ़ोतरी की गई है। कृषि और बागवानी के लिए जो योजनाओं की घोषणा की गई हैं, वे भी पुरानी योजनाएं ही हैं। इनमें कोई अधिक सुधार होने की उम्मीद न के बराबर ही नजर आ रही है। प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए कुछ घोषणाएं जरूर की गई हैं, मगर इसमें भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है।
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बजट में राजकोषीय घाटे को कम करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। प्रति व्यक्ति ऋण जो लगातार बढ़ता जा रहा है, उसे भी कम करने के लिए कोई कारगर पहल की गई हो ऐसा नजर नहीं आता। राजधानी में फैले पीलिया और शहर के पेयजल संकट को कम करने के लिए अलग से बजट प्रावधान नहीं किए गए हैं।
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