फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Protest held at HPU against non-implementation of CAS

Shimla News: सीएएस लागू न करने के विरोध में एचपीयू में किया धरना-प्रदर्शन

Mon, 11 May 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 11 May 2026 11:59 PM IST
विज्ञापन
Protest held at HPU against non-implementation of CAS
शिक्षकों ने कॉलेजों में किया शैक्षणिक कार्य का बहिष्कार, प्रदेश सरकार पर लगाया उपेक्षा करने का आरोप
विज्ञापन


चेतावनी, सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो होगा आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला सहित प्रदेश के पांच विश्वविद्यालयों और संबंधित महाविद्यालयों में सोमवार को कॅरिअर एडवांसमेंट स्कीम (सीएएस) लागू करने की मांग को लेकर शिक्षकों ने कामकाज ठप रखा। संयुक्त कार्य समिति (जेएसी) के आह्वान पर हुए इस आंदोलन के चलते विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित रहीं और कक्षाएं नहीं लगीं। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और अधिक व्यापक किया जाएगा।

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के सभी 48 विभागों में शिक्षकों ने आंदोलन का समर्थन करते हुए शिक्षण कार्य बंद रखा। विवि परिसर में सुबह से ही शिक्षक जुटना शुरू हो गए थे और कुलपति कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। खराब मौसम और बारिश के बावजूद शिक्षक प्रदर्शन स्थल पर डटे रहे तथा सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। संयुक्त कार्य समिति के नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार लंबे समय से विश्वविद्यालय शिक्षकों की जायज मांगों की अनदेखी कर रही है। शिक्षकों का कहना है कि सीएएस लागू न होने से करीब तीन हजार शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। आरोप है कि अन्य वर्गों के कर्मचारियों और अधिकारियों को पदोन्नति तथा सेवा लाभ दिए जा रहे हैं, जबकि शिक्षकों को उनके वैधानिक अधिकारों से वंचित रखा है।
विज्ञापन


शिक्षकों को संबोधित करते हुए डॉ. जोगिंदर सकलानी ने कहा कि सरकार का रवैया पक्षपात पूर्ण है और उच्च शिक्षा के प्रति गंभीरता नहीं दिखाई दे रही। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं लेकिन उनकी समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। डॉ. राजेश ने कहा कि शिक्षकों की उपेक्षा का राजनीतिक प्रभाव भी भविष्य में देखने को मिल सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन



यह शिक्षकों का मानसिक उत्पीड़न : डाॅ. राजेश

विवि के शिक्षक डॉ. सुनील ने कहा कि सीएएस लागू न करना शिक्षकों का मानसिक उत्पीड़न है। उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर हो रही देरी को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। संयुक्त कार्य समिति के प्रतिनिधि एवं शिक्षक कल्याण संघ के अध्यक्ष डॉ. नितिन व्यास ने मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि शिक्षक टकराव नहीं बल्कि अपने अधिकारों की बहाली चाहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article