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परिवहन मंत्री बाली के ‘घर’ में गरजे एचआरटीसी पेंशनर
ब्यूरो/अमर उजाला, नगरोटा बगवां (कांगड़ा)
Updated Tue, 29 Mar 2016 08:40 AM IST
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विरोध प्रदर्शन करते परिवहन निगम के सेवानिवृत्त कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
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लंबित पेंशन और अन्य भुगतानों को तरस रहे परिवहन निगम के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने परिवहन मंत्री के गृह क्षेत्र नगरोटा बगवां में व्यवस्था के खिलाफ जमकर गुबार निकाला। उन्होंने सरकार और परिवहन मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आरोप लगाया कि कई बार गुहार लगाने के बावजूद उनके वित्तीय लाभ देने को सरकार गंभीर नहीं है।
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हिमाचल परिवहन सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण मंच के राज्य अध्यक्ष बलराम पुरी की अध्यक्षता में सोमवार को प्रदेश स्तरीय बैठक हुई। इसमें सरकार पर सौतेले व्यवहार का आरोप लगाया गया। बलराम पुरी और महासचिव बीर सिंह चौहान ने बताया कि चार माह से निगम प्रबंधन और सरकार इस वर्ग को पेंशन का भुगतान नहीं कर रही।
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इससे पेंशनरों को परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो रहा है। बीमारी की हालात में इलाज करवाना भी मुश्किल हो रहा है। बीते साल दो अक्तूबर को पीटरहॉफ शिमला में परिवहन निगम के स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री ने पेंशन की स्थायी नीति बनाने का आश्वासन दिया था।
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इस बजट सत्र में उसकी कोई घोषणा न होने से यह वर्ग खुद को ठगा सा महसूस कर रहा है। लंबित पेंशन के अलावा 1-1-2013 से 30-9-2015 तक महंगाई भत्ते की पांच किस्तों का 44 महीनों का एरियर, दिसंबर 2014 के बाद ग्रेच्युटी, अप्रैल 2015 के बाद लीव इन कैशमेंट का भुगतान भी निगम प्रबंधन ने लंबित रखा है।
मंच को 31 मार्च को राजभवन में बुलाया गया है। यदि सरकार स्थायी पेंशन की मांग को पूरा नहीं करती है तो मंच विस का घेराव करने का निर्णय ले सकता है। इस दौरान अशोक कुमार, कुलदीप सिंह गुलेरिया, बृजलाल ठाकुर, किशोरी लाल, मधुसूदन, ओम प्रकाश वर्मा, सुरिंद्र सिंह, मदनलाल, प्रोमिला ठाकुर और बिहारी लाल ठाकुर आदि मौजूद रहे।