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बनने से पहले ही नए 48 एनएच पर संकट के बादल
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 19 Jul 2016 12:45 PM IST
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नागचला से मनाली के बीच बन रहे नेशनल हाईवे के लिए जमीन अधिग्रहण का विवाद थम नहीं रहा। अब फोरलेन संघर्ष समिति ने अधिग्रहण के बाद दी जाने वाली मुआवजा राशि को लेकर नया एलान कर दिया है। संघर्ष समिति ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर मुआवजा राशि के लिए फैक्टर टू प्रदेश में लागू नहीं हुआ तो वे प्रदेश में बनने वाले नए एनएच के लिए एक इंच जमीन भी नहीं लेने देंगे।
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फोरलेन संघर्ष समिति ने उन इलाके के लोगों से संपर्क करना शुरू कर दिया है जिनकी जमीनें नए घोषित 48 नेशनल हाईवे के लिए अधिग्रहीत हो सकती है। बता दें कि केंद्र सरकार की ओर से नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया पहले ही फैक्टर टू के आधार पर जमीन का चार गुना मुआवजा देने का एलान कर चुकी है लेकिन केंद्र की अनुशंसा के बावजूद राज्य सरकार आम लोगों की जमीन का फैक्टर वन के हिसाब से दोगुना मूल्य ही दिलाने पर अड़ी है।
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यूपी जैसे हो सकते हैं हालात
फोरलेन संघर्ष समिति अध्यक्ष खुशहाल ठाकुर ने कहा कि सरकार को उन लोगों से कोई मतलब नहीं है जिनकी जमीनें उनसे जबरन छीनी जा रही है। कहा कि जमीन का सही मूल्य नहीं मिला तो हिमाचल में भी उत्तर प्रदेश के भट्टा परसौल जैसे हालात हो सकते हैं।
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जमीन मिलेगी, तभी एनएच बनवाएगा केंद्र
केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी पहले ही साफ कर चुके हैं कि राज्य सरकार जमीन उपलब्ध कराएगी तभी नेशनल हाईवे बनने का काम शुरू होगा। फिलहाल हिमाचल को हाल ही में 48 नए नेशनल हाईवे मिले हैं। किरतपुर से नेरचौक-कुल्लू-मनाली और परवाणू से शिमला तक फोरलेन का निर्माण शुरू हो चुका है। इनकी जद्द में प्रदेश के हजारों परिवारों की जमीन-दुकानें और घर आएंगे।
इसलिए है विवाद
दरअसल, केंद्र साफ कर चुका है कि राज्य सरकार जमीन उपलब्ध कराने के लिए मुआवजा बताएगा और केंद्र उसे चुकाएगा। हालांकि, केंद्र का यही कदम राज्य सरकार के लिए मुसीबत बना हुआ है। राज्य सरकार अगर फैक्टर टू लागू कर लोगों को चार गुना मुआवजा
दिलवा देती है तो आने वाले समय में राज्य सरकार को अपने प्रोजेक्ट के लिए भी जमीन अधिग्रहण करते समय चार गुना मुआवजा चुकाना पड़ेगा। चूंकि, केंद्र को कुछ प्रोजेक्टों के लिए मुआवजा देना है और राज्य सरकार को ज्यादातर प्रोजेक्टों के लिए मुआवजा चुकाना पड़ेगा। इसी वजह से हिमाचल सरकार फैक्टर टू लागू करने से कतरा रही है।