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Shimla News: टैक्स-किराया न चुकाया तो अब बोर्ड पर लगेगा का नाम, सील होंगी दुकानें
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प्रॉपर्टी टैक्स और संपत्तियों का किराया न देने वाले 2500 से ज्यादा डिफाल्टरों को दो दिन के भीतर नोटिस देने के निर्देश
पहले कटेगा बिजली-पानी, फिर बोर्ड पर लिखा जाएगा डिफाल्टर का नाम
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में प्रॉपर्टी टैक्स और संपत्तियों का किराया न देने वाले 2500 से ज्यादा डिफाल्टरों पर नगर निगम अब सख्ती करने जा रहा है। बिजली-पानी काटने के अलावा अब इनके नाम सार्वजनिक किए जाएंगे। किराया न देने वाले दुकानदारों की दुकानें सील की जाएंगी।
नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने शुक्रवार को भी टैक्स और संपदा शाखा के अधिकारियों की बैठक ली। टैक्स शाखा ने बताया कि शहर में करीब दो हजार भवन मालिक ऐसे हैं जिन्होंने प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान नहीं किया है। इनमें कुछ ऐसे हैं जिनसे कई साल का टैक्स लिया जाना है। इन्हें नोटिस भी जारी कर चुके हैं। संपदा शाखा ने बताया कि शहर में 500 से ज्यादा दुकानदार ऐसे हैं जिन्होंने अभी तक नगर निगम की दुकानों का किराया जमा नहीं किया है। कुछ दुकानदारों से पिछला किराया भी वसूला जाना है। इनकी किराया राशि अब लाखों में पहुंच चुकी है। टैक्स और किराये का करोड़ों रुपया अटका पड़ा है। आयुक्त ने सख्त निर्देश दिए कि सभी लोगों को दो दिन के भीतर नोटिस जारी किए जाएं। इसके बाद भी यदि लोग टैक्स या किराया जमा नहीं करते हैं तो इनके बिजली-पानी के कनेक्शन काटे जाएं। इसके बाद डिफाल्टरों के नाम सार्वजनिक सूचना बोर्ड भी लगाए जाएंगे। किराया न देने वाले दुकानदारों की दुकानों पर निगम अपने ताले लगाएगा।
साल 2022 में भी सार्वजनिक किए थे नाम
नगर निगम पहले भी प्रॉपर्टी टैक्स न देने वाले डिफाल्टरों के नाम सार्वजनिक कर चुका है। साल 2022 में नगर निगम ने अपनी वेबसाइट पर डिफाल्टरों के नाम सार्वजनिक किए थे। इसके बाद कई भवन मालिक टैक्स देने निगम दफ्तर पहुंचे थे। हर साल ऐसा करने का दावा किया गया था। लेकिन पिछले दो साल निगम ने ऐसी सख्ती नहीं की।
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सरकारी महकमे बढ़ा रहे परेशानी
प्रॉपर्टी टैक्स न देने वाले डिफाल्टरों की संख्या तो दो हजार से ज्यादा है। लेकिन इनमें कई ऐसे हैं जिनकी टैक्स राशि पांच सौ से पांच हजार तक है। निगम की बड़ी परेशानी सरकारी महकमे बन रहे हैं। इनकी टैक्स राशि लाखों में हैं। निगम को इनसे टैक्स से करोड़ों की आय होनी है। पैसा न आने से निगम के विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
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पहले कटेगा बिजली-पानी, फिर बोर्ड पर लिखा जाएगा डिफाल्टर का नाम
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में प्रॉपर्टी टैक्स और संपत्तियों का किराया न देने वाले 2500 से ज्यादा डिफाल्टरों पर नगर निगम अब सख्ती करने जा रहा है। बिजली-पानी काटने के अलावा अब इनके नाम सार्वजनिक किए जाएंगे। किराया न देने वाले दुकानदारों की दुकानें सील की जाएंगी।
नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने शुक्रवार को भी टैक्स और संपदा शाखा के अधिकारियों की बैठक ली। टैक्स शाखा ने बताया कि शहर में करीब दो हजार भवन मालिक ऐसे हैं जिन्होंने प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान नहीं किया है। इनमें कुछ ऐसे हैं जिनसे कई साल का टैक्स लिया जाना है। इन्हें नोटिस भी जारी कर चुके हैं। संपदा शाखा ने बताया कि शहर में 500 से ज्यादा दुकानदार ऐसे हैं जिन्होंने अभी तक नगर निगम की दुकानों का किराया जमा नहीं किया है। कुछ दुकानदारों से पिछला किराया भी वसूला जाना है। इनकी किराया राशि अब लाखों में पहुंच चुकी है। टैक्स और किराये का करोड़ों रुपया अटका पड़ा है। आयुक्त ने सख्त निर्देश दिए कि सभी लोगों को दो दिन के भीतर नोटिस जारी किए जाएं। इसके बाद भी यदि लोग टैक्स या किराया जमा नहीं करते हैं तो इनके बिजली-पानी के कनेक्शन काटे जाएं। इसके बाद डिफाल्टरों के नाम सार्वजनिक सूचना बोर्ड भी लगाए जाएंगे। किराया न देने वाले दुकानदारों की दुकानों पर निगम अपने ताले लगाएगा।
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साल 2022 में भी सार्वजनिक किए थे नाम
नगर निगम पहले भी प्रॉपर्टी टैक्स न देने वाले डिफाल्टरों के नाम सार्वजनिक कर चुका है। साल 2022 में नगर निगम ने अपनी वेबसाइट पर डिफाल्टरों के नाम सार्वजनिक किए थे। इसके बाद कई भवन मालिक टैक्स देने निगम दफ्तर पहुंचे थे। हर साल ऐसा करने का दावा किया गया था। लेकिन पिछले दो साल निगम ने ऐसी सख्ती नहीं की।
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सरकारी महकमे बढ़ा रहे परेशानी
प्रॉपर्टी टैक्स न देने वाले डिफाल्टरों की संख्या तो दो हजार से ज्यादा है। लेकिन इनमें कई ऐसे हैं जिनकी टैक्स राशि पांच सौ से पांच हजार तक है। निगम की बड़ी परेशानी सरकारी महकमे बन रहे हैं। इनकी टैक्स राशि लाखों में हैं। निगम को इनसे टैक्स से करोड़ों की आय होनी है। पैसा न आने से निगम के विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।