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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Asiad: Himachal runner Seema now aims for gold; will dedicate the medal to her mother.

एशियाड: हिमाचल की धावक सीमा का लक्ष्य अब स्वर्ण, मां को समर्पित करेंगी पदक

Sat, 26 Sep 2026 04:30 AM IST
Krishan Singh मोहिंद्र सिंह, संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला/चंबा।
मोहिंद्र सिंह, संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला/चंबा। Published by: Krishan Singh Updated Sat, 26 Sep 2026 04:30 AM IST
सार

 जापान से अमर उजाला से बातचीत में सीमा ने कहा कि इस बार उनका लक्ष्य सिर्फ स्वर्ण है। पूरी तरह तैयार हैं और ट्रैक पर अपना सर्वश्रेष्ठ देने को उतरेंगी। सीमा के साथ भारत की पारुल चौधरी भी इस स्पर्धा में चुनौती पेश करेंगी।

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Asiad: Himachal runner Seema now aims for gold; will dedicate the medal to her mother.
धाविका सीमा कुमारी। - फोटो : संवाद

विस्तार

एशियन गेम्स 2026 में 10 हजार मीटर में कांस्य पदक जीत चुकी चंबा की सीमा अब 28 सितंबर को 5000 मीटर में सोने के लिए दौड़ लगाएंगी। जापान से अमर उजाला से बातचीत में सीमा ने कहा कि इस बार उनका लक्ष्य सिर्फ स्वर्ण है। पूरी तरह तैयार हैं और ट्रैक पर अपना सर्वश्रेष्ठ देने को उतरेंगी। सीमा के साथ भारत की पारुल चौधरी भी इस स्पर्धा में चुनौती पेश करेंगी। सीमा के लिए यह दौड़ सिर्फ एक और मुकाबला नहीं है। इसके पीछे मां केसरी देवी के त्याग और बेटी के सपने के लिए किए गए संघर्ष की कहानी है। सीमा ने कहा कि उनकी सफलता में मां का सबसे बड़ा योगदान है। मैं जो भी पदक जीतूंगी, वह मां को दूंगी। उन्हें जो चाहिए होगा, वह भी दूंगी। मेरी सफलता में उनका बहुत बड़ा हाथ है।

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सीमा ने बेहद मुश्किल परिस्थितियों में अपना सफर तय किया
चंबा के रेटा गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय ट्रैक तक पहुंचने वाली सीमा ने बेहद मुश्किल परिस्थितियों में अपना सफर तय किया। महज 12 साल की उम्र में पिता को खोने के बाद भी उन्होंने दौड़ना नहीं छोड़ा। परिवार की सीमित आर्थिक परिस्थितियों के बीच मां ने बेटी के सपने को पूरा करने के लिए हरसंभव प्रयास किया। यही संघर्ष आज सीमा को एशियाई खेलों के ट्रैक पर स्वर्ण के लिए दौड़ने का हौसला दे रहा है।

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कांस्य पदक जीतने के बाद आत्मविश्वास बढ़ा: सीमा
सीमा ने कहा कि 10 हजार मीटर में कांस्य पदक जीतने के बाद आत्मविश्वास बढ़ा है, लेकिन अब पूरा ध्यान 5000 मीटर पर है। तैयारी अच्छी है और वह अपनी रणनीति के अनुसार दौड़ेंगी। भारतीय खिलाड़ी पारुल चौधरी के साथ अभ्यास कर रही हूं। मकसद केवल स्वर्ण पदक जीतना है और इसके बाद अगला लक्ष्य ओलंपिक है। इसके लिए यह पायदान पार करना है। 28 सितंबर को मेरा लक्ष्य सिर्फ सोना है। मैं पूरी तरह तैयार हूं। इस बार कोशिश रहेगी कि पदक का रंग बदले और जीत मां को समर्पित करूं। मेरी मां मेरी ताकत है और इस ताकत के दम पर ही आज यहां तक पहुंच पाई हूं।

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मुख्यमंत्री ने एथलीट सीमा कुमारी को दी बधाई
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने एशियाई खेल-2026 में 10 हजार मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतने पर एथलीट सीमा कुमारी को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि सीमा कुमारी ने वैश्विक प्रतिस्पर्धा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की एथलीट सीमा कुमारी ने जापान के आइची-नागोया में यह उपलब्धि हासिल की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमा कुमारी की यह उल्लेखनीय पूरे प्रदेश के लिए अत्यंत गर्व का विषय है। उन्होंने सीमा की लगन, दृढ़ता और संकल्प की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सफलता यह प्रदर्शित कर रही है कि हिमाचल प्रदेश में समृद्ध खेल प्रतिभाएं मौजूद हैं। सुक्खू ने कहा कि सीमा की उत्कृष्ट उपलब्धि प्रदेश के हजारों युवाओं को खेलों में अपना भविष्य उज्ज्वल करने के सपनों को आत्मविश्वास के साथ साकार करने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में एथलेटिक्स सहित विभिन्न खेलों में अपार संभावनाएं हैं और राज्य सरकार खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं, प्रशिक्षण के अवसर तथा अनुकूल वातावरण उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।

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