{"_id":"bbc56dadc57c86497df3228a6b68e2a4","slug":"problems-at-knh-shimla-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जान लीजिए, ये हैं एकमात्र महिला अस्पताल का हाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जान लीजिए, ये हैं एकमात्र महिला अस्पताल का हाल
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Sat, 20 Jun 2015 10:11 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राज्य के एकमात्र मातृ एवं शिशु अस्पताल कमला नेहरू में गंभीर महिला मरीजों की जान जोखिम में है। अस्पताल के आईसीयू पर शाम चार बजे के बाद ताला लटक जाता है। यहां चार वेंटिलेटर हैं इनमें से तीन खराब पड़े हैं। आईसीयू न होने की वजह से महिला मरीज की जान पर बन आती है। ऐसे कई उदाहरण सामने आ चुके हैं।
विज्ञापन
आलम यह है कि स्टाफ न होने से केएनएच से हर माह 3 से पांच मरीज आईसीयू के लिए आईजीएमसी शिफ्ट किए जाते हैं। यही नहीं यहां से आठ माह में आईसीयू के लिए शिफ्ट महिला मरीजों में से 41 की मौत भी हो चुकी है। अस्पताल प्रबंधन के पास इस तरह के मरीजों को आईजीएमसी भेजने के अलावा दूसरा कोई चारा नहीं रहता।
विज्ञापन
लेकिन वहां भी आईसीयू में वेंटिलेटर सीमित होने से दाखिला तुरंत नहीं मिलता। कमला नेहरू अस्पताल में आईसीयू की बेहतर व्यवस्था न होने से गंभीर मरीजों की मौत हो जाती है। यहां से आईजीएमसी की दूरी चार किलोमीटर है लेकिन वहां भी आईसीयू में मरीजों की काफी भीड़ रहती है। लिहाजा केएनएच से भेजे गए मरीज के पास इंतजार करने के अलावा दूसरा कोई चारा नहीं।
विज्ञापन
कई बार वेंटिलेंटर के इंतजार में गंभीर मरीज दम भी तोड़ देते हैं।कमला नेहरू अस्पताल में मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने यहां रूटीन में 24 घंटे आईसीयू चलाने के निर्देश दिए। यहां डाक्टरों के साथ पैरामेडिकल स्टाफ तैनात करने के लिए कहा गया लेकिन सरकार के निर्देशों के बावजूद पर्याप्त स्टाफ की तैनाती नहीं हो पाई।
आईसीयू के लिए नहीं है स्टाफ
चार रेजिडेंट डाक्टर, तीन रजिस्ट्रार, चार स्टाफ नर्सें, तीन ओटीए और चार वार्ड ब्वाय की जरूरत है। इनके आने के बाद ही केएनएच का आईसीयू चल पाएगा। तीन वेंटिलेटर खराब हैं इन्हें भी ठीक करवाने की जहमत अभी तक नहीं उठाई है।
चार बजे के बाद नहीं चलेगा आईसीयू
आईसीयू के बाहर विभागाध्यक्ष की ओर से नोटिस लगा दिया है कि शाम चार बजे के बाद मेडिकल स्टाफ न होने से आईसीयू नहीं चलेगा। अगर कोई चार बजे के बाद किसी पेशेंट को आईसीयू में दाखिल करता है तो अनहोनी होने पर वह उसकी जिम्मेदारी होगी। हैरत इस बात की है कि अस्पताल ने नोटिस चस्पां करने से पहले व्यवस्था करने की जहमत नहीं उठाई।
उधर आईजीएमसी के प्रिंसिपल प्रोफेसर एसएस कौशल ने कहा कि आईसीयू को रूटीन में चलाने के लिए जल्द ही स्टाफ की तैनाती की जा रही है। खराब वेंटिलेटरों को ठीक करवाने के निर्देश दे दिए हैं।