खास मकसद से प्रियंका ने शिमला में खरीदी एक और जमीन
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प्रियंका गांधी वाड्रा ने देवभूमि में एक और जमीन खरीद ली है। राजधानी शिमला के छराबड़ा में अपने निर्माणाधीन घर से सटा एक भूखंड भी उन्होंने अपने नाम करवा लिया है। किसी विवाद से बचने के लिए जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया को बेहद गोपनीय रखा गया।
प्रियंका गांधी की तरफ से बागवानी का मकसद बताकर इस जमीन को खरीदने की इजाजत मांगी गई थी जिसे प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन शिमला ने मंजूरी दे दी। हालांकि, जमीन के सौदे, मंजूरी और रजिस्ट्री प्रक्रिया में लंबा वक्त लग गया।
मजे की बात यह है कि यह जमीन प्रियंका ने अपने उस कांग्रेस नेता के बेटे से खरीदी जिसे उन्होंने पावर आफ अटार्नी दे रखी है। बताते चलें कि प्रियंका गांधी के घर के आसपास कुछ और स्थानीय लोग भी यह जमीन खरीदना चाहते थे, लेकिन सुरक्षा कारणों और प्राइवेसी के चलते यह जमीन खुद प्रियंका ने ही खरीद ली।
सेब का बगीचा लगाना चाहती है प्रियंका
राजस्व सूत्रों के अनुसार प्रियंका गांधी ने छराबड़ा स्थित खसरा नंबर 269/73 और 69/2 की करीब 12 बिस्वा जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली है। यह जमीन उनके निर्माणाधीन मकान से सटी हुई है। प्रियंका यहां सेब का बगीचा लगाना चाहती हैं।
बताते हैं कि प्रियंका इस जमीन को दो साल पहले ही खरीदना चाहती थीं, लेकिन एक आरटीआई एक्टिविस्ट के जमीन संबंधी आरटीआई से सूचना मामले के बाद इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया था। जमीन खरीदने की अनुमति की मियाद खत्म होने से पहले प्रियंका के जनरल पावर ऑफ एटॉर्नी व स्थानीय कांग्रेस नेता केहर सिंह खाची ने जमीन खरीदने की परमिशन को एक साल और बढ़ाने का निवेदन किया।
इस आवेदन को सरकार ने मान लिया। इसके बाद कुछ महीने पहले बेहद गुपचुप तरीके से जमीन को प्रियंका गांधी के नाम रजिस्टर्ड करा दिया गया। गोपनीयता का आलम यह है कि शासन का कोई अधिकारी इस बारे में कुछ भी कहने को राजी नहीं है।
आरटीआई मामले पर लगा है स्टे
प्रियंका गांधी की छराबड़ा में मकान के लिए खरीदी जमीन की आरटीआई में सूचना देने के मामले को हाईकोर्ट की ओर से स्टे मिला है। बता दें कि जिला प्रशासन को राज्य सूचना आयोग ने 10 दिन में जमीन संबंधी जानकारी 10 दिन में देने के आदेश दिए थे। इसी के खिलाफ प्रियंका हाईकोर्ट गई थीं।
जमीन खरीद में खाची का अहम रोल
प्रियंका वाड्रा की जमीन खरीद में स्थानीय कांग्रेस नेता केहर सिंह खाची का अहम रोल रहा
प्रियंका ने जमीन खरीदने के लिए खाची को अपना जनरल पावर ऑफ एटॉर्नी बनाया
खाची ने जमीन खरीदने के प्रियंका के आवेदन की मियाद को बढ़वाया
खाची ने जमीन को पहले अपने बेटे मनजीत खाची के नाम खरीदा
फिर इस जमीन की मंजीत से प्रियंका वाड्रा के नाम रजिस्ट्री कराई
अमर उजाला ने इस बारे में जब खाची का पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने इस बारे में कोई भी बात करने से इंकार कर दिया।