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हजारों शिक्षकों को झटका, अधूरी जानकारी देने से फॉर्म रिजेक्ट

Fri, 06 Oct 2017 03:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Fri, 06 Oct 2017 03:18 PM IST
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private school teachers DLEd forms rejected

प्रदेश के निजी स्कूलों में पढ़ाने वाले हजारों शिक्षकों के डिप्लोमा इन एलीमेंटरी करने के लिए भरे गए फॉर्म रिजेक्ट हो गए हैं। करीब 1100 शिक्षकों ने एनआईओएस के पोर्टल पर अधूरी जानकारी देकर पंजीकरण करवाया है। केंद्र सरकार ने आवश्यक जानकारियां देने के लिए शिक्षकों को आखिरी मौका दिया है।

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इस संदर्भ में प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों को आदेश जारी कर उक्त शिक्षकों को सूचित करने को कहा है। जिन शिक्षकों के फॉर्म रिजेक्ट हुए हैं, उनके नाम निदेशालय की वेबसाइट पर अपलोड किए गए हैं। निदेशक मनमोहन शर्मा ने बताया कि कुछ शिक्षकों ने फीस जमा नहीं करवाई है, जबकि कुछ ने स्कूल प्रिंसिपलों से कागजात सत्यापित नहीं करवाए हैं।
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केंद्र सरकार ने प्राइवेट स्कूलों में प्राइमरी कक्षाओं को पढ़ाने वाले शिक्षकों को डिप्लोमा इन एलीमेंटरी एजूकेशन (डीएलएड) करना अनिवार्य कर दिया है।

पहली से पांचवीं तक पढ़ाने के लिए बीएड करने वाले शिक्षक मान्य नहीं होंगे। इन शिक्षकों को डीएलएड करना ही होगा। डिप्लोमा इन एलीमेंटरी एजूकेशन ऑनलाइन होगा। इन सर्विस शिक्षकों को यह डिप्लोमा करने के लिए 4500 रुपये फीस चुकानी होगी।

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केंद्र ने आवश्यक जानकारी देने को दिया आखिरी मौका

private school teachers DLEd forms rejected

स्टडी मैटीरियल शिक्षकों को ऑनलाइन मुहैया करवाया जाएगा। जो शिक्षक ऑनलाइन पढ़ाई नहीं कर सकते, उन्हें 1500 रुपये की दूरदर्शन की डिश खरीदनी होगी। दूरदर्शन के एजूकेशन चैनल के माध्यम से ये शिक्षक पढ़ाई कर सकेंगे। मार्च 2019 तक न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता पूरी नहीं करने वाले शिक्षकों की नौकरी को समाप्त कर दिया जाएगा।

शिक्षा के अधिकार के संशोधन बिल 2017 के तहत प्राइवेट स्कूलों में पहली से पांचवीं तक की कक्षाओं को अप्रशिक्षित शिक्षक डिप्लोमा इन एलीमेंटरी एजूकेशन किए बिना नहीं पढ़ा सकेंगे।

इन शिक्षकों ने बेशक बीएड की हो, लेकिन प्राइमरी कक्षाओं को पढ़ाने के लिए डीएलएड ही अनिवार्य होगा। प्रदेश के कई प्राइवेट स्कूलों में प्राइमरी कक्षाओं को बीएड करने वाले शिक्षक पढ़ा रहे हैं। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि बीएड करने वाले शिक्षक सिर्फ छठी से आगे की कक्षाओं को ही पढ़ा सकेंगे। 

डिप्लोमा करने को ऑनलाइन पंजीकरण

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डीएलएड करने के लिए अप्रशिक्षित शिक्षकों को एनआईओएस पोर्टल पर खुद को पंजीकृत करवाना पड़ा है। 16 अगस्त से 15 सितंबर तक पंजीकरण किया गया है। डिप्लोमा इन एलीमेंटरी एजूकेशन करने के लिए जमा दो कक्षा में 50 फीसदी अंक होना अनिवार्य है।

जिन शिक्षकों के जमा दो में 50 फीसदी से कम अंक हैं। वे शिक्षक रि-अपीयर का पेपर देकर अपने अंक बढ़ाने का प्रयास कर सकते हैं। ऐसे शिक्षकों को भी पंजीकरण करवाना होगा। इन्हें डीएलएड में प्रोविजनल एडमिशन मिलेगी।

विज्ञान मंथन के लिए 10 तक पंजीकरण

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विज्ञान भारती की ओर से करवाई जाने वाली राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा विद्यार्थी मंथन- 2017 के लिए 10 अक्तूबर तक पंजीकरण होगा। विद्यार्थी विज्ञान मंथन के प्रांत संयोजक बलवीर पटियाल ने बताया कि इस परीक्षा में छठी से जमा एक कक्षा के विद्यार्थी भाग ले सकते हैं।

पंजीकरण के लिए vvm.org.in पर विद्यार्थियों को लॉग इन करना होगा। विद्यार्थी विज्ञान मंथन के चार चरण होंगे। पहले चरण में कुल 18 विद्यार्थी (प्रत्येक कक्षा से 3-3 विद्यार्थी) चुने जाएंगे। इन्हें मेरिट सर्टिफिकेट दिए जाएंगे। दूसरा चरण जिला स्तर पर होगा। इसमें प्रत्येक जिले से 18 विद्यार्थी चुने जाएंगे।

इन्हें भी मेरिट सर्टिफिकेट दिया जाएगा और जिले के किसी भी शोध संस्थान का भ्रमण करवाया जाएगा। तीसरा चरण राज्य स्तरीय होगा। इसमें हर कक्षा में तीन-तीन विद्यार्र्थी पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर चुने जाएंगे।

पहले स्थान पर रहने वाले विद्यार्थी को पांच हजार, दूसरे स्थान पर रहने वाले को तीन हजार और तीसरे स्थान पर रहने वाले विद्यार्थी को दो हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा।

परीक्षा में भाग लेने वाले प्रत्येक विद्यार्थी को प्रमाणपत्र और स्मृति चिन्ह दिया जाएगा। प्रांत संयोजक ने बताया कि बीते साल प्रदेश से 86 स्कूलों के 2135 विद्यार्र्थियों ने पंजीकरण करवाया था।

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