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हिमाचल में 3500 रूटों पर थम गए निजी बसों के पहिये, मिलाजुला दिखा असर
Mon, 03 May 2021 05:55 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 03 May 2021 05:55 PM IST
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कुल्लू में थमे रहे निजी बसों के पहिये
- फोटो : अमर उजाला
सरकार की ओर से कैबिनेट में प्रस्ताव लेकर जाने और वहां फैसला होने के आश्वासन से संतुष्ट न होने वाली हिमाचल प्रदेश निजी बस ऑपरेटर यूनियन की अपील पर सोमवार को प्रदेश में निजी बसों के पहिये जाम रहे। राजधानी शिमला समेत तकरीबन सभी जिलों में निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल का मिलाजुला असर देखने को मिला। करीब 3500 रूटों पर निजी बसों का संचालन न होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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एचआरटीसी ने सवारियों के अनुसार अतिरिक्त बसों का संचालन कर राहत देने का प्रयास किया। चूंकि, कोविड की वजह से पहले ही लोग ज्यादा घरों से नहीं निकल रहे हैं, ऐसे में हड़ताल की वजह से उतनी बड़ी संख्या में लोग परेशान नहीं हुए जितना सामान्य दिनों की हड़ताल में होते थे। फिलहाल, जयराम सरकार ने हड़ताल के बीच पांच मई को मंत्रिमंडल की बैठक बुला ली है। साथ ही परिवहन विभाग के अधिकारियों ने भी बैठक बुलाए जाने का हवाला देते हुए फिर से हड़ताल वापस लेने की अपील की है।
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देखना यह है कि अपील के बाद निजी बस संचालक मंगलवार को बसों का संचालन करेंगे या नहीं। बता दें, ऑपरेटर लंबे समय से सरकार से टोकन टैक्स, स्पेशल रोड टैक्स माफ करने और वर्किंग कैपिटल (ऑपरेटरों को सस्ता लोन) की घोषणा पूरा करने की मांग कर रहे है। उधर, कांगड़ा जिले में हड़ताल का असर कम दिखा, क्योंकि निजी बस ऑपरेटर दो गुटों में बंट गए हैं। एक गुट बसें चलाने के लिए तैयार था और उसने बसों का कुछ जगह संचालन किया।