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हिमाचल में इस दिन नहीं चलेंगी चार हजार प्राइवेट बसें

Sun, 09 Sep 2018 01:11 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Sun, 09 Sep 2018 01:11 PM IST
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private bus operators of himachal will be on indefinite strike from 10 september

हिमाचल में इस दिन से निजी बसों के पहिए थम जाएंगे। डीजल कीमतों में बढ़ोतरी से परेशान निजी बस ऑपरेटरों ने एलान किया है कि सोमवार से चार हजार से ज्यादा प्राइवेट बसें नहीं चलेंगी। ऑपरेटरों की मांग है कि डीजल कीमतों में बढ़ोतरी के चलते बस किराए भी 50 फीसदी बढ़ाए जाएं।

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प्रदेश निजी बस ऑपरेटर यूनियन ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का एलान कर दिया है। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजेश पराशर और महासचिव रमेश कमल ने बताया कि अनिश्चितकालीन हड़ताल के दौरान प्रदेश में किसी भी रूट पर निजी बसें नहीं चलेंगी।

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जब तक मांगें पूरा नहीं होंगी, जारी रहेगी हड़ताल

private bus operators of himachal will be on indefinite strike from 10 september

जब तक मांगें पूरा नहीं होंगी, हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आश्वासन के बावजूद निजी बस ऑपरेटरों के हक में फैसला नहीं ले रही है।बस ऑपरेटर पूर्व सरकार की नीतियों से पहले ही आहत हैं, अब वर्तमान सरकार भी सुध नहीं ले रही है।

अध्यक्ष ने बताया कि प्रदेश में जब बस किराया बढ़ा था तो डीजल की कीमत 46 रुपये प्रति लीटर थी। अब डीजल की कीमत 72 रुपये प्रति लीटर है। इसके अलावा स्पेयर पार्ट्स तथा इंश्योरेंस में भी दोगुनी वृद्धि हुई है।

बसों की कीमतें बढ़ गईं, लेकिन बस किराए नहीं बढ़ाए। उन्होंने बताया कि इस संदर्भ में प्रदेश के सभी जिला उपायुक्तों को ज्ञापन सौंप दिए हैं। यूनियन महासचिव रमेश कमल ने बताया कि उनकी हड़ताल का किसी भी राजनीतिक संगठन के भारत बंद से संबंध नहीं है। 

यह हैं यूनियन की मांगें

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ऑपरेटरों की हड़ताल शांतिपूर्वक होगी। यदि कोई व्यक्ति सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है तो वह उसके लिए स्वयं जिम्मेवार होगा।
- बस किराए में 50 फीसदी वृद्धि करे या सरकार किसी तरह भरपाई करे
- ग्रीन टैक्स तुरंत समाप्त किया जाए
- बस रूट परमिट की वैधता दस वर्ष की जाए
- रूट परमिट हस्तांतरण शक्तियां क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को दी जाएं
- हस्तांतरण फीस को समाप्त की जाए।
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एचआरटीसी कर्मियों की छुट्टियों पर रोक, रूट बढ़ाए

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प्राइवेट बसों की हड़ताल को देखते हुए एचआरटीसी ने सोमवार से चालकों-परिचालकों सहित अधिकारियों की छुट्टियाें पर रोक लगा दी है। एचआरटीसी के कार्यकारी निदेशक डॉ. अश्वनी कुमार शर्मा ने बताया कि प्रदेश में जिन रूटों पर निजी बसें अधिक चलती हैं वहां सरकारी बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। सभी बस चालकों को अधिक से अधिक सवारियों को बसों में बैठाने को कहा गया है। जरूरत पड़ने पर अधिक स्टाफ को फील्ड में उतारा जाएगा। पंजाब और हरियाणा से भी मदद लेने का विचार है। मुसाफिरों की मांग के अनुसार रीजनल मैनेजर रूट और बसों के फेरों की संख्या के बारे में फैसला लेंगे। उन्होंने बताया कि हड़ताल के चलते मुसाफिरों को परेशानियों का सामना नहीं करने दिया जाएगा। परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर इन दिनों भूटान के दौरे पर हैं। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक परिवहन मंत्री का सोमवार तक प्रदेश में लौटना संभावित नहीं है।

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