{"_id":"64f719e27cc5fa73300b64af","slug":"principal-dharampal-changed-di-baldeyan-school-photo-shimla-news-c-19-sml1001-225339-2023-09-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: प्रधानाचार्य धर्मपाल ने बदल \nदी बल्देयां स्कूल की तस्वीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: प्रधानाचार्य धर्मपाल ने बदल दी बल्देयां स्कूल की तस्वीर
विज्ञापन
शिक्षक दिवस पर विशेष
अपना सोलर पैनल और बोटैनिकल गार्डन
15,000 लीटर क्षमता का वर्षा जल संग्रहण टैंक
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला से सटे वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल बल्देयां के प्रधानाचार्य धर्मपाल जिस्टु ने कुछ ही सालों में स्कूल की तस्वीर बदल दी है। यह स्कूल आज ग्रीन और क्लीन कैंपस की मिसाल बन चुका है।
प्रधानाचार्य जिस्टु और उनके स्टाफ के अथक प्रयासों तथा पूर्व छात्रों के सहयोग से स्कूल शहर के किसी कान्वेंट स्कूल की तरह नजर आता है। स्कूल में पढ़ रहे 270 विद्यार्थियों को हर आधुनिक सुविधा मिल रही है। कार्बन फ्री बनाने के लिए स्कूल में तीन किलोवाट का सोलर पैनल लगाया है। स्कूल में बिजली की आपूर्ति इसी से होती हैै। परिसर रंग बिरंगे फूलों से महक रहा है। इनके कार्यकाल में स्कूल में एक हॉल, दो क्लास रूम और दो टॉयलेट बनकर तैयार हैं। स्कूल में बने बोटैनिकल गार्डन में सैकड़ों प्रजातियों के फूल लगाए गए हैं। यही नहीं स्कूल के ग्रीन हाउस में मिड डे मील के लिए छात्रों और शिक्षकों ने मिलकर सब्जियां उगाना शुरू कर दी हैं। इसमें खीरा, लॉकी, पालक और टमाटर लगाए गए हैं। गार्डन और फूलों की सिंचाई के लिए स्कूल का अपना 15000 लीटर रेन वाॅटर हार्वेस्टिंग टैंक है।
अब पुष्प उत्पादन भी कर रहा है स्कूल
धर्मपाल जिस्टु ने बताया वोकेशनल कोर्स एग्रीकल्चर के विद्यार्थियों को पुष्प उत्पादन को कारोबार के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इको क्लब के साथ मिलकर सौ तरह की प्रजातियों के फूल लगाए गए हैं। स्कूल सस्ते दामों पर इन फूलों को अन्य स्कूलों को मुहैया करवाएगा। स्कूल में इंडोर और आउटडोर जिम, तीस हजार के कबड्डी मैट भी उपलब्ध हैं। एक पूर्व छात्र की मदद से स्कूल में डाइनिंग हॉल का निर्माण करवाया है। सीसीटीवी कैमरे स्कूल परिसर में लगेे हैं। डीपी जिस्टु ने कहा कि उनकी ज्वाइनिंग 1994 में इसी स्कूल में हुई थी। पूर्व छात्र एसोसिएशन बनाकर आर्थिक और हर तरह का सहयोग पूर्व छात्र-छात्राओं से मिला। आज आसपास के निजी स्कूलों से छात्र इस पाठशाला में प्रवेश ले रहे है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अपना सोलर पैनल और बोटैनिकल गार्डन
15,000 लीटर क्षमता का वर्षा जल संग्रहण टैंक
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला से सटे वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल बल्देयां के प्रधानाचार्य धर्मपाल जिस्टु ने कुछ ही सालों में स्कूल की तस्वीर बदल दी है। यह स्कूल आज ग्रीन और क्लीन कैंपस की मिसाल बन चुका है।
प्रधानाचार्य जिस्टु और उनके स्टाफ के अथक प्रयासों तथा पूर्व छात्रों के सहयोग से स्कूल शहर के किसी कान्वेंट स्कूल की तरह नजर आता है। स्कूल में पढ़ रहे 270 विद्यार्थियों को हर आधुनिक सुविधा मिल रही है। कार्बन फ्री बनाने के लिए स्कूल में तीन किलोवाट का सोलर पैनल लगाया है। स्कूल में बिजली की आपूर्ति इसी से होती हैै। परिसर रंग बिरंगे फूलों से महक रहा है। इनके कार्यकाल में स्कूल में एक हॉल, दो क्लास रूम और दो टॉयलेट बनकर तैयार हैं। स्कूल में बने बोटैनिकल गार्डन में सैकड़ों प्रजातियों के फूल लगाए गए हैं। यही नहीं स्कूल के ग्रीन हाउस में मिड डे मील के लिए छात्रों और शिक्षकों ने मिलकर सब्जियां उगाना शुरू कर दी हैं। इसमें खीरा, लॉकी, पालक और टमाटर लगाए गए हैं। गार्डन और फूलों की सिंचाई के लिए स्कूल का अपना 15000 लीटर रेन वाॅटर हार्वेस्टिंग टैंक है।
विज्ञापन
अब पुष्प उत्पादन भी कर रहा है स्कूल
धर्मपाल जिस्टु ने बताया वोकेशनल कोर्स एग्रीकल्चर के विद्यार्थियों को पुष्प उत्पादन को कारोबार के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इको क्लब के साथ मिलकर सौ तरह की प्रजातियों के फूल लगाए गए हैं। स्कूल सस्ते दामों पर इन फूलों को अन्य स्कूलों को मुहैया करवाएगा। स्कूल में इंडोर और आउटडोर जिम, तीस हजार के कबड्डी मैट भी उपलब्ध हैं। एक पूर्व छात्र की मदद से स्कूल में डाइनिंग हॉल का निर्माण करवाया है। सीसीटीवी कैमरे स्कूल परिसर में लगेे हैं। डीपी जिस्टु ने कहा कि उनकी ज्वाइनिंग 1994 में इसी स्कूल में हुई थी। पूर्व छात्र एसोसिएशन बनाकर आर्थिक और हर तरह का सहयोग पूर्व छात्र-छात्राओं से मिला। आज आसपास के निजी स्कूलों से छात्र इस पाठशाला में प्रवेश ले रहे है।
विज्ञापन