पशुपालकों के दबाव के आगे सरकार झुकी, भैंस के दूध के नहीं घटेंगे दाम
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हिमाचल में भैंस के दूध के खरीद मूल्य को कम करने का फैसला पशुपालकों के दबाव में सरकार ने वापस ले लिया है। अब भैंस दूध के दाम में 4.81 रुपये की कटौती नहीं होगी। सरकार के आदेश के बाद मिल्कफेड अब पशुपालकों से भैंस के दूध की खरीद पुराने रेट 34.33 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से ही करेगा।
अमर उजाला ने पांच दिसंबर के अंक में ‘सूबे के हजारों पशुपालकों को झटका, बढ़ाने के बजाय पांच रुपये घटा दिए दूध के दाम’, शीर्षक से खबर प्रकाशित कर इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। पशुपालकों ने सरकार के इस फरमान का जोरशोर से विरोध किया था।
दूध खरीद मूल्य बढ़ाने के लिए किसान रामपुर में पहले ही चक्का जाम व प्रदर्शन की तैयारी में हैं। इसी बीच, भैंस के दूध के खरीद मूल्य में कटौती होने से पशुपालकों में और आक्रोश बढ़ गया था। पशुपालकों में आक्रोश के चलते सरकार को झुकना पड़ा।
दूध संग्रह केंद्रों से नए रेट चार्ट की अधिसूचना को भी मिल्क फेड ने वापस ले लिया है। गौरतलब है कि पंजाब का हवाला देते हुए मिल्क फेडरेशन ने भैंस दूध का खरीद मूल्य 4.81 रुपये कम कर दिया था, जबकि बाजार में दूध बिक्री मूल्य में कोई कटौती नहीं की गई थी।
गाय के दूध का खरीद मूल्य बढ़ाने की मांग
मिल्कफेड के चक्कर मंडी स्थित यूनिट प्रबंधक राकेश पाठक ने पधर क्षेत्र के अधीन गुरुवार को दुग्ध अभिशीतल संग्रह केंद्र कुन्नू का दौरा कर पशुपालकों से बात की और उनकी समस्याएं सुनीं।इस दौरान पशुपालकों ने गाय दूध के रेट प्रति लीटर तीन रुपये बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजने की मांग उठाई।
हिमाचल प्रदेश मिल्क फेडरेशन पंजाब पैटर्न पर दूध की कीमत सूबे के पशुपालकों को देकर उन्हें लाभान्वित करता आ रहा है। भैंस के दूध के मूल्य में कटौती इसी कड़ी का हिस्सा था। सरकार ने प्रदेश के पशुपालकों की आर्थिक स्थिति को मद्देनजर रखते हुए दूध के रेट यथावत रखने का निर्णय लिया है।
-निहाल चंद शर्मा, चेयरमैन, मिल्क फेडरेशन