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पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन: राष्ट्रपति, राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान नहीं होगा हंगामा, प्रस्ताव पास
Thu, 18 Nov 2021 06:16 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 18 Nov 2021 06:16 PM IST
सार
सम्मेलन में संकल्प लिया गया कि राष्ट्रपति और राज्यपाल के अभिभाषण एवं प्रश्नकाल के दौरान सदन में कोई व्यवधान नहीं होना चाहिए। इसके लिए सभी दलों से फिर चर्चा की जाएगी।
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शिमला में अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में 82वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन के शताब्दी वर्ष समारोह के दौरान कई प्रस्तावों पर एक राय बनी। इनमें राष्ट्रपति और राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान शांति बनाए रखने और उद्बोधन के दौरान किसी तरह का व्यवधान पैदा न करने पर सम्मेलन में शिरकत कर रहे पीठासीन अधिकारियों ने सहमति जताई।
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सम्मेलन में संकल्प लिया गया कि राष्ट्रपति और राज्यपाल के अभिभाषण एवं प्रश्नकाल के दौरान सदन में कोई व्यवधान नहीं होना चाहिए। इसके लिए सभी दलों से फिर चर्चा की जाएगी। पूर्व में बनी सभी दलों की सहमति पर वापस चर्चा की जाएगी, ताकि सर्वमान्य तरीके से पूर्ण रूप से इस संकल्प को पूरा कर सकें।
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कहा गया कि पहल के रूप में कम से कम राष्ट्रपति एवं राज्यपाल के अभिभाषण और प्रश्नकाल के दौरान सदन की कार्यवाही में किसी भी प्रकार का व्यवधान नहीं होना चाहिए। बता दें, हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष ने जमकर हंगामा किया था। यही नहीं, राज्यपाल के साथ खराब व्यवहार किया, जिसके बाद हंगामा करने वाले विधायकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
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