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Shimla News: 150 साल पहले शिमला के लिए बनाई पेयजल योजना देखेंगी राष्ट्रपति
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ब्रिटिश शासनकाल में तैयार की गई सियोग पेयजल योजना देखने जाएंगी
मौके पर बना है बड़ा टैंक, 17 चश्मे
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रविवार को सियोग पेयजल योजना का दौरा करेंगी। 150 साल पहले ब्रिटिश शासनकाल के दौरान शिमला के लिए तैयार की गई पहली पेयजल योजना थी। शिमला शहर को अब भी इसका पानी मिलता है।
राष्ट्रपति सुबह 11:15 बजे कैचमेंट एरिया का दौरा करेंगी। इस दौरान पेयजल कंपनी के अधिकारी उन्हें इस योजना के इतिहास से रूबरू करवाएंगे। हरी भरी वादियों के बीच बनी इस योजना में कुल 17 प्राकृतिक चश्मे हैं। हालांकि अब कई चश्मे सूख चुके हैं, लेकिन बरसात में इनमें पानी फूटता है। यह क्षेत्र आबादी से दूर है और इसलिए यहां का पानी सबसे शुद्ध माना जाता है। पहले एडवांस स्टडीज संस्थान में ठहरने वाले अंग्रेजी शासकों को इसका पानी सप्लाई होता था। मौके पर नौ एमएलडी की क्षमता वाला टैंक बना है। पेयजल कंपनी ने हाल ही में इसकी मरम्मत भी करवाई है। इस योजना को पूरी क्षमता पर चलाने के लिए इसकी पुरानी पेयजल लाइन भी बदली जा रही है। पेयजल कंपनी के अनुसार राष्ट्रपति के दौरे को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
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मौके पर बना है बड़ा टैंक, 17 चश्मे
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रविवार को सियोग पेयजल योजना का दौरा करेंगी। 150 साल पहले ब्रिटिश शासनकाल के दौरान शिमला के लिए तैयार की गई पहली पेयजल योजना थी। शिमला शहर को अब भी इसका पानी मिलता है।
राष्ट्रपति सुबह 11:15 बजे कैचमेंट एरिया का दौरा करेंगी। इस दौरान पेयजल कंपनी के अधिकारी उन्हें इस योजना के इतिहास से रूबरू करवाएंगे। हरी भरी वादियों के बीच बनी इस योजना में कुल 17 प्राकृतिक चश्मे हैं। हालांकि अब कई चश्मे सूख चुके हैं, लेकिन बरसात में इनमें पानी फूटता है। यह क्षेत्र आबादी से दूर है और इसलिए यहां का पानी सबसे शुद्ध माना जाता है। पहले एडवांस स्टडीज संस्थान में ठहरने वाले अंग्रेजी शासकों को इसका पानी सप्लाई होता था। मौके पर नौ एमएलडी की क्षमता वाला टैंक बना है। पेयजल कंपनी ने हाल ही में इसकी मरम्मत भी करवाई है। इस योजना को पूरी क्षमता पर चलाने के लिए इसकी पुरानी पेयजल लाइन भी बदली जा रही है। पेयजल कंपनी के अनुसार राष्ट्रपति के दौरे को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
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