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President of India: राष्ट्रपति मुर्मू ने इन दो मंदिरों में नवाया शीश, की पूजा-अर्चना, भंडारा भी चखा
Tue, 07 May 2024 07:51 PM IST
अंकेश डोगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Tue, 07 May 2024 07:51 PM IST
सार
मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संकटमोचन और तारा देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस दौरान राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल भी मौजूद रहे। तारा देवी में माथा टेकने के बाद राष्ट्रपति ने मंदिर में भंडारा चखा।
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विस्तार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को राजधानी के प्रसिद्ध मंदिरों में शीश नवाया। राष्ट्रपति ने संकटमोचन और तारा देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके साथ ही बजरंगबली और माता तारा की आरती उतारी। इस दौरान राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल भी मौजूद रहे। राष्ट्रपति सुबह 11:30 बजे संकटमोचन मंदिर पहुंचीं। यहां सबसे पहले षोडश गणेश की पूजा-अर्चना की। राष्ट्रपति ने गणपति को पुष्प अर्पित कर बेसन के लड्डुओं का भोग लगाया। इसके बाद राम दरबार में शीश नवाया। भगवान राम और माता सीता को फल चढ़ाए और हलवे का भोग लगाया।
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राष्ट्रपति ने बजरंगबली को सिंदूर चढ़ाया और बदाणे का भोग लगाया। बजरंगबली की आरती करने के बाद राष्ट्रपति ने मंदिरों की परिक्रमा की। सुबह 12:20 बजे राष्ट्रपति मुर्मू ने तारा देवी मंदिर में पूजा की। मंदिर के पुजारी कमलेश चंद्रा ने राष्ट्रपति की भेंट माता को चढ़ाई। इसके बाद मंत्रोच्चारण के साथ माता तारा देवी की पूजा-अर्चना करवाई। माता को चावल, फूल, टीका, वस्त्र, चुन्नी अर्पित की गई। इसके बाद राष्ट्रपति ने मां भगवती की आरती उतारी। राष्ट्रपति को माता की चुन्नी और प्रसाद दिया गया।
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माथा टेकने के बाद राष्ट्रपति ने मंदिर में भंडारा चखा। मंदिर प्रशासन की ओर से राष्ट्रपति के लिए 13 विशेष व्यंजन बनाए थे। भंडारे में राष्ट्रपति ने सेपू बड़ी, कढ़ी, मटर-पनीर, काले चने का खट्टा, मदरा, दाल चना, दाल उड़द, राजमा चावल, मीठा बदाणा, हलवा, मालपुए, पूरियां, चटनी का स्वाद चखा। दोपहर 1:30 बजे राष्ट्रपति का काफिला मंदिर से रवाना हुआ।
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पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ राष्ट्रपति का किया स्वागत
संकटमोचन मंदिर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का स्वागत प्रदेश के पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ किया गया। मंदिर परिसर ढोल, नगाड़ा, शहनाई, करनाल और रणसिंघा की धुनों से गूंज उठा। मंदिर प्रशासन ने राष्ट्रपति के स्वागत के लिए ठियोग से आठ विशेष कलाकारों की टोली बुलाई थी।
तारा देवी मंदिर की प्रतिकृति और राम दरबार किया भेंट
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को तारा देवी मंदिर की प्रतिकृति दी गई। यह प्रतिकृति मंदिर की तरह लकड़ी से ही तैयार की गई है। एडीसी शिमला अभिषेक वर्मा ने राष्ट्रपति को यह प्रतिकृति भेंट की। उन्होंने राष्ट्रपति को मंदिर के इतिहास से अवगत करवाया। संकटमोचन मंदिर में राष्ट्रपति को राम दरबार की मूर्ति भेंट की गई। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी प्रोटोकॉल ज्योति राणा ने राष्ट्रपति को मंदिर के इतिहास से अवगत करवाया।
तारा देवी मंदिर की खूबसूरती देख गदगद हुईं राष्ट्रपति
राजधानी के प्रसिद्ध तारा देवी मंदिर में राष्ट्रपति मुर्मू ने मंदिर की खूबसूरती को निहारा। मंदिर की खूबसूरती और मंदिर परिसर से शिमला शहर को देख राष्ट्रपति गदगद हुईं। मंदिर परिसर से शिमला शहर का अलग ही नजारा दिखाई देता है।