हिमाचल में संस्कृत विवि खोलने की तैयारियां तेज, सरकार ने बनाई कमेटी
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प्रदेश में पहला संस्कृत विश्वविद्यालय खोलने की तैयारियां तेज हो गई हैं। जयराम सरकार ने चुनावी दृष्टिपत्र की घोषणा को पूरा करने के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की है। 24 सितंबर को कमेटी की पहली बैठक उच्च शिक्षा निदेशालय में बुलाई गई है।
पांच सदस्यीय कमेटी से सात बिंदुओं को लेकर रिपोर्ट मांगी गई है। उच्च शिक्षा निदेशक अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि सरकार के आदेशानुसार बैठक बुलाई गई है। इसमें चर्चा के बाद सरकार को रिपोर्ट भेजी जाएगी। विश्वविद्यालय स्थापित करने का फैसला सरकार के स्तर पर होगा।
प्रदेश में संस्कृत भाषा के पुनरुत्थान, शोध और उच्च स्तर के विकास के लिए भाजपा ने विधानसभा चुनाव के दौरान जारी किए गए अपने चुनावी दृष्टिपत्र में संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना करने की घोषणा की थी। इसी कड़ी में सरकार ने पांच सदस्यीय कमेटी गठित की है।
कमेटी में हिमाचल विश्वविद्यालय से प्रो. राजेंद्र शर्मा, संस्कृत महाविद्यालय सोलन के प्राचार्य डॉ. राम दत्त शर्मा, संस्कृत महाविद्यालय क्यारटू से डॉ. विनय शर्मा, संस्कृत महाविद्यालय सोलन से डॉ. मुकेश शर्मा और संस्कृत महाविद्यालय सुंदरनगर से डॉ. ज्ञानेश्वर शर्मा को सदस्य बनाया गया है।
इन बिंदुओं पर मांगी गई है रिपोर्ट
कमेटी के सदस्यों के साथ उच्च शिक्षा निदेशक 24 सितंबर को होने वाली बैठक में संस्कृत विश्वविद्यालय स्थापित करने की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। प्रदेश में संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना करने की क्या आवश्यकता है? देश में संस्कृत विश्वविद्यालय कहां-कहां स्थापित हैं और उनका क्या स्वरूप है?
प्रदेश में संस्कृत विश्वविद्यालय खोलने के लिए कितनी भूमि की आवश्यकता होगी? संस्कृत विश्वविद्यालय के कितने संभाग होंगे? विश्वविद्यालय का शैक्षणिक और प्रशासनिक ढांचा किस प्रकार का होगा?
विश्वविद्यालय की स्थापना से संबंधित अन्य आवश्यक सूचना? संस्कृत विश्वविद्यालय के तहत क्या-क्या कार्य किए जाने हैं? इन बिंदुओं पर पांच सदस्यीय कमेटी से 22 सितंबर तक रिपोर्ट निदेशालय भेजने को कहा गया है।