{"_id":"65b7a4f50fe08c95030f8c03","slug":"preparation-to-issue-npa-to-doctors-soon-exercise-started-in-health-department-npa-doctors-2024-01-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल: डॉक्टरों को एनपीए जल्द जारी करने की तैयारी, स्वास्थ्य विभाग में शुरू की कसरत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल: डॉक्टरों को एनपीए जल्द जारी करने की तैयारी, स्वास्थ्य विभाग में शुरू की कसरत
Tue, 30 Jan 2024 10:39 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 30 Jan 2024 10:39 AM IST
सार
स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल कह चुके हैं कि डाॅक्टरों का एनपीए बंद नहीं किया गया है। इसे रोका गया है। हिमाचल में प्राकृतिक आपदा के चलते जानमाल की भारी क्षति हुई है।
विज्ञापन
डाॅक्टर एनपीए मामला
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल में डाॅक्टरों का एनपीए (नाॅन प्रेक्टिस अलाउंस) जल्द बहाल हो सकता है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग में कसरत शुरू हो गई है। आगामी कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को लाया जा सकता है। स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल कह चुके हैं कि डाॅक्टरों का एनपीए बंद नहीं किया गया है। इसे रोका गया है। हिमाचल में प्राकृतिक आपदा के चलते जानमाल की भारी क्षति हुई है। सरकार को करोड़ों की चपत लगी है। प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए ऐसा किया गया है।
विज्ञापन
उधर, एनपीए बंद किए जाने और अन्य मांगों को लेकर डाॅक्टर बीते 10 दिनों से ओपीडी में काले बिल्ले लगाकर सेवाएं दे रहे हैं। डाॅक्टरों ने चेतावनी है कि जब तक मांगें पूरी नहीं हो जातीं, उनका रोष जारी रहेगा। दरअसल डॉक्टर एनपीए के अलावा सेवानिवृत्त चिकित्सक को सेवा विस्तार न दिए जाने और पदोन्नति की मांग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की ओर से आश्वासन मिलने के बाद भी उनकी मांगें पूरी नहीं हुई हैं।
विज्ञापन
इसके चलते डॉक्टरों में रोष है। उधर, हिमाचल चिकित्सा अधिकारी संघ के अध्यक्ष राजेश राणा ने कहा कि एनपीए बीते साल बरसाद में आई आपदा के दौरान सरकार ने बंद कर दिया था, जो इन्हें प्रशिक्षण के समय कुल वेतन का 20 फीसदी दिया जाता था।
विज्ञापन