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Shimla News: पानी बिल न भरने वाले होटलों के लाइसेंस रद्द करने की तैयारी
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अमर उजाला एक्सक्लूसिव...
कई माह से नहीं दिया है पानी का बिल, लाखों रुपये पहुंच गई बकाया राशि
कंपनी ने पर्यटन विभाग को लिखा वसूली का पत्र
80 से ज्यादा होटल डिफाल्टरों की सूची में शामिल
अशोक चौहान
शिमला। राजधानी में कई महीनों से पानी के बिल जमा न करने वाले होटलों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी है। अब इनके लाइसेंस भी रद्द किए जा सकते हैं।
पेयजल कंपनी ने इस बारे में पर्यटन विभाग के निदेशक को पत्र लिखा है। इसमें होटलों पर कार्रवाई की मांग की गई है। पेयजल कंपनी का कहना है कि शहर में 80 से ज्यादा होटल ऐसे हैं जो कई माह से पानी के बिल नहीं दे रहे हैं। इन्हें कई बार नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद यह बिल जमा करने नहीं आ रहे हैं। कई होटलों की बिल राशि तीन लाख से ज्यादा पहुंच गई है। वहीं कई ऐसे हैं जिनकी बकाया बिल राशि पांच लाख रुपये से भी ज्यादा है। सभी सरकारी और निजी होटल पर्यटन विभाग के अधीन हैं।
विभाग इन पर कार्रवाई कर सकता है। इनके लाइसेंस भी विभाग ही रद्द कर सकता है। ऐसे में इनसे बिल वसूली के लिए कार्रवाई की जाएगी। कंपनी के अनुसार जल्द ही इन होटलों की नाम और बिल राशि सहित पूरी सूची विभाग को भेजी जा रही है। शिमला शहर में 300 से ज्यादा सरकारी और निजी होटल हैं। इन्हें कंपनी व्यावसायिक दरों पर पानी उपलब्ध करवाती है। कंपनी की ओर से हर माह इन्हें पानी के बिल जारी किए जाते हैं।
किस्तों में भुगतान सुविधा दे रही कंपनी
कंपनी के अनुसार यदि होटलों को लगता है कि उनकी बिल राशि ज्यादा है और वह एकसाथ पूरा बिल नहीं भर सकते, तो उन्हें कंपनी किस्तों में भुगतान की सुविधा दे सकती है। होटल दो से तीन किस्तों में भी बिल जमा कर सकते हैं। हालांकि इसके लिए इन्हें कंपनी के पास आवेदन करना होगा।
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निदेशक को लिखा है पत्र : एजीएम
राजधानी में कई होटल पानी के बिल जमा नहीं कर रहे हैं। इन्हें नोटिस भी जारी किए जा रहे हैं। अब कंपनी की ओर से इनके लाइसेंस रद्द करने को लेकर पर्यटन विभाग के निदेशक को पत्र लिखा है।
-पीपी शर्मा, एजीएम पेयजल कंपनी
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कई माह से नहीं दिया है पानी का बिल, लाखों रुपये पहुंच गई बकाया राशि
कंपनी ने पर्यटन विभाग को लिखा वसूली का पत्र
80 से ज्यादा होटल डिफाल्टरों की सूची में शामिल
अशोक चौहान
शिमला। राजधानी में कई महीनों से पानी के बिल जमा न करने वाले होटलों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी है। अब इनके लाइसेंस भी रद्द किए जा सकते हैं।
पेयजल कंपनी ने इस बारे में पर्यटन विभाग के निदेशक को पत्र लिखा है। इसमें होटलों पर कार्रवाई की मांग की गई है। पेयजल कंपनी का कहना है कि शहर में 80 से ज्यादा होटल ऐसे हैं जो कई माह से पानी के बिल नहीं दे रहे हैं। इन्हें कई बार नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद यह बिल जमा करने नहीं आ रहे हैं। कई होटलों की बिल राशि तीन लाख से ज्यादा पहुंच गई है। वहीं कई ऐसे हैं जिनकी बकाया बिल राशि पांच लाख रुपये से भी ज्यादा है। सभी सरकारी और निजी होटल पर्यटन विभाग के अधीन हैं।
विभाग इन पर कार्रवाई कर सकता है। इनके लाइसेंस भी विभाग ही रद्द कर सकता है। ऐसे में इनसे बिल वसूली के लिए कार्रवाई की जाएगी। कंपनी के अनुसार जल्द ही इन होटलों की नाम और बिल राशि सहित पूरी सूची विभाग को भेजी जा रही है। शिमला शहर में 300 से ज्यादा सरकारी और निजी होटल हैं। इन्हें कंपनी व्यावसायिक दरों पर पानी उपलब्ध करवाती है। कंपनी की ओर से हर माह इन्हें पानी के बिल जारी किए जाते हैं।
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किस्तों में भुगतान सुविधा दे रही कंपनी
कंपनी के अनुसार यदि होटलों को लगता है कि उनकी बिल राशि ज्यादा है और वह एकसाथ पूरा बिल नहीं भर सकते, तो उन्हें कंपनी किस्तों में भुगतान की सुविधा दे सकती है। होटल दो से तीन किस्तों में भी बिल जमा कर सकते हैं। हालांकि इसके लिए इन्हें कंपनी के पास आवेदन करना होगा।
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निदेशक को लिखा है पत्र : एजीएम
राजधानी में कई होटल पानी के बिल जमा नहीं कर रहे हैं। इन्हें नोटिस भी जारी किए जा रहे हैं। अब कंपनी की ओर से इनके लाइसेंस रद्द करने को लेकर पर्यटन विभाग के निदेशक को पत्र लिखा है।
-पीपी शर्मा, एजीएम पेयजल कंपनी